*TV 20 NEWS || AZAMGARH :महर्षि वाल्मीकि जयंती पर जनपद के विभिन्न मंदिरों एवं आश्रमों में हुए भव्य भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रम, रामायण पाठ एवं भजन*

 

आदि कवि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित विश्वप्रसिद्ध कालजयी कृति रामायण सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों की स्थापना का आदर्श प्रस्तुत करती है- डीएम

वाल्मीकि रामायण में निहित मानवीय, सामाजिक एवं राष्ट्रीय मूल्यों के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा जनसामान्य को इन मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से डीआईओ ने भेट की पुस्तके

आजमगढ़, 26 अक्टूबर 2026/

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के कुशल निर्देशन व मार्गदर्शन में महर्षि वाल्मीकि जयंती जनपद के मंदिरों में भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रम, रामायण पाठ एवं भजन के साथ मनाई गई। आदि कवि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित विश्वप्रसिद्ध कालजयी कृति रामायण सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों की स्थापना का आदर्श प्रस्तुत करती है।

जिलाधिकारी ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा अपनी रचना में वर्णित अनेक स्थल आज भी संपूर्ण भारत में विद्यमान हैं, जिन्हें राम-जानकी मार्ग एवं राम वन गमन मार्ग आदि से संबंधित स्थलों के रूप में जाना जाता है। उत्तर प्रदेश में भी इन मार्गों से जुड़े अनेक स्थल हैं, जहां भारतीय संस्कृति के मूल तत्व एवं मान्यताएं आज भी सुरक्षित हैं। महर्षि वाल्मीकि के महान योगदान को स्मरण करते हुए उनकी जयंती पूरे जनपद में हर्षाेल्लास के साथ मनाई गई।

वाल्मीकि रामायण में निहित मानवीय, सामाजिक एवं राष्ट्रीय मूल्यों के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा जनसामान्य को इन मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से जिला सूचना अधिकारी डॉ पंकज कुमार ने जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार, नवागत मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण को कलेक्ट्रेट में एवं जनमानस को पुस्तक भेंट किया।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद आजमगढ़ के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित कराए जाने हेतु जनपद, तहसील एवं विकासखंड स्तर पर समितियों का गठन किया गया था । इन समितियों के माध्यम से कार्यक्रमों का सुव्यवस्थित एवं सकुशल आयोजन सुनिश्चित कराया गया। इस अवसर पर मंदिरों में महर्षि वाल्मीकि रचित रामायण का अखंड पाठ, भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भजन आदि आयोजित किए गए।

महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर जनपद के विभिन्न मंदिरों एवं आश्रमों में पर्यटन अधिकारी नवीन सिंह के देखरेख में संस्कृति विभाग के चयनित कलाकारों द्वारा भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रम, रामायण पाठ एवं भजनों की प्रस्तुति दी गई । इसके अंतर्गत अलंकार सिंह द्वारा भैरव बाबा मंदिर, संतोष मिश्रा द्वारा हनुमान मंदिर हरिहरपुर, राजेश कुमार प्रजापति द्वारा श्री चन्द्रमा ऋषि आश्रम, आदर्श मिश्रा द्वारा श्री रामजानकी मंदिर ब्रह्मस्थान, विकास चौरसिया द्वारा श्री रामजानकी मंदिर गुरूटोला, अर्पित मिश्रा द्वारा श्री बड़ा गणेश मंदिर आजमगढ़, तुषार सिंह द्वारा पातालेश्वर मंदिर बेलईसा, शीतला मिश्रा द्वारा हनुमान मंदिर बिलरियागंज, चन्द्रशेखर यादव द्वारा दुर्वासा ऋषि आश्रम फूलपुर तथा आदित्य मिश्रा द्वारा श्री दत्तात्रेय आश्रम निजामाबाद में कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

इन स्थलों पर महर्षि वाल्मीकि रचित रामायण का अखंड पाठ, भजन एवं अन्य भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर महर्षि वाल्मीकि के विचारों तथा रामायण में निहित मानवीय एवं सामाजिक मूल्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।