मिशन इन्द्रधनुष अभियान का आगाज आठ मार्च से – सीएमओ

 

छूटे हुए शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती का किया जायेगा टीकाकरण
आजमगढ़, 5 मार्च 2022
जिले में मिशन इन्द्रधनुष 4.0 अभियान का प्रथम चरण 8 से 15 मार्च तक चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कोविड-19 के दौरान नियमित टीकाकरण से छूटे हुए शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती का टीकाकरण किया जायेगा। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आईएन तिवारी का।
डॉ तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग व विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर मिशन इन्द्रधनुष अभियान को सफल बनाने के लिए,जिले के सभी ब्लॉक अधिकारियों के साथ बैठक की गई। जिसमें अभियान के दौरान ज्यादा से ज्यादा बच्चों एवं गर्भवती को टीकाकरण की सेवा उपलब्ध किये जाने का आदेश दिया गया है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/योजना के नोडल अधिकारी डॉ संजय कुमार ने बताया कि जिले में शून्य से दो वर्ष तक के 16,178 बच्चे हैं, साथ ही जिले में गर्भवती की कुल संख्या 5,091 है। कोविड-19 या किसी अन्य कारण से टीकाकरण से छूटे ऐसे बच्चे जिनकी आयु दो वर्ष से कम है, साथ ही गर्भवती जो टीकाकरण से छूट गई हैं| उनके घर-घर जाकर आशा,एएनएम द्वारा सर्वे कर सूची तैयार की गई है। जिनका मिशन इंद्रधनुष अभियान के दौरान विशेष टीकाकरण सत्र लगाकर टीकाकरण किया जायेगा।
सात मार्च से सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान का यह प्रथम चरण है| दूसरा चरण चार अप्रैल और तीसरा चरण दो मई से शुरू किया जाएगा। अभियान के तहत गर्भवती और शून्य से दो वर्ष तक के छूटे हुए बच्चों का नियमित टीकाकरण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों को बीसीजी,ओपीवी,पेंटावैलेंट,रोटावायरस,मीजल्स-रूबेला,विटामिन ए,डीपीटी बूस्टर डोज , आईपीवी, पीसीवी का टीका एवं गर्भवती को टीडी का टीका लगाया जाएगा | छोटे बच्चों में बीमारी से लड़ने की क्षमता कम होती है इसलिए टीकाकरण के द्वारा बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाता है| जिससे उन्हें जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकें।