TV 20 NEWS || AZAMGARH ; अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर 173 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न श्रमिक परिवार के 173 नव दंपतियों सहित परिवारजनों ने मा. मुख्यमंत्री जी को दिया धन्यवाद व आभार
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर 173 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न
श्रम विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर “कन्या विवाह सहायता योजना” के अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोह में 173 जोड़ों का विवाह संपन्न
श्रमिक परिवार के 173 नव दंपतियों सहित परिवारजनों ने मा. मुख्यमंत्री जी को दिया धन्यवाद व आभार
आजमगढ़ 01 मई 2026
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, श्रम विभाग के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की पुत्रियों हेतु संचालित कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत 01 मई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर मंडलायुक्त विवेक व जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के कुशल मार्गदर्शन व निर्देशन में तथा उप श्रम आयुक्त राजीव कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में लाइफ लाइन एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, समेदा, आजमगढ़ में भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर आजमगढ़, मऊ एवं बलिया जनपदों के कुल 173 जोड़ों का विवाह रीति-रिवाजों के साथ विधिवत संपन्न कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर निर्माण श्रमिक परिवारों को सहयोग प्रदान करना तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जनप्रतिनिधि हरिकेश राजभर, संदीप सिंह सोनू, जगदम्बा सिंह (पूर्व विधायक),चन्द्रपाल सिंह (क्षेत्रीय मंत्री),जितेन्द्र सिंह (जिला उपाध्यक्ष),शौर्य सिंह कौशिक (जिला युवा मोर्चा),अखिलेश सिंह (न्यायिक अधिकारी),मनोज सिंह बघेल (जिला कमांडेंट, होमगार्ड) एवं लक्ष्मण मौर्य (चेयरमैन, जिला सहकारी बैंक) उपस्थित रहे।
उपस्थित अतिथियों द्वारा नवविवाहित वर-वधुओं को उनके वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया गया।
इस अवसर पर श्रम विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी, समाजसेवी, श्रमिक प्रतिनिधि तथा विभिन्न उद्योगों के सेवायोजक/प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वर-वधुओं एवं उनके परिजनों द्वारा अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण में अनुशासन एवं सहयोग का परिचय देते हुए आयोजन को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया।
श्रम विभाग द्वारा आयोजित यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम न केवल आर्थिक सहयोग का माध्यम बना, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश देते हुए सामाजिक एकता एवं समरसता को भी सुदृढ़ किया।






