*TV 20 NEWS ||MAU: मऊ में Zero Fatality District (ZFD) अभियान की समीक्षा गोष्ठी आयोजित, सड़क सुरक्षा और दुर्घटना रोकथाम पर जोर*
*श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जनपद मऊ श्री इलामारन जी द्वारा सड़क सुरक्षा, दुर्घटना रोकथाम, क्रिटिकल कॉरिडोर सुधार एवं सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु को रोकने हेतु संचालित Zero Fatality District (ZFD) अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के सम्बन्ध में समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गयी-*
सड़क दुर्घटनाएं मुख्यतः मानव त्रुटि, सड़क इंजीनियरिंग, वाहन इंजीनियरिंग एवं पर्यावरणीय कारणों के सम्मिलित प्रभाव से होती हैं। इन कारकों को नियंत्रित करने के लिए बहु-स्तरीय रणनीति के अंतर्गत आज दिनांक 13.12.2025 को मऊ पुलिस अधीक्षक श्री इलामारन जी द्वारा,पुलिस लाइन के सभागार कक्ष में समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गयी। गोष्ठी में विभिन्न चिन्हित दुर्घटना प्रभावित क्षेत्र तथा अन्य बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
*निम्न बिन्दुओं पर चर्चा की गई-*
*1.Zero Fatality District (ZFD):- प्रदेश में सड़क दुर्घटना में होने वाली मृत्यु को न्यून स्तर पर*
लाने हेतु Zero Fatality District (ZFD) कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है, जो सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक और व्यवस्थित दृष्टिकोण पर कार्य कर रही है। इस योजना के विभिन्न शर्त एवं मापदंड तथा उनकी परिभाषा निम्नवत है-
Critical corridors- भू-स्थानिक विश्लेषण (Geospatial analysis) के आधार पर जनपद के जिन मार्गों पर दुर्घटनाओं में कुल जनहानि लगभग 50 प्रतिशत से अधिक है, उन्हे क्रिटिकल कॉरिडोर चिन्हित किया जायेगा यह कॉरिडोर उच्च प्राथमिकता के मार्ग होंगे जिन पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के होने वाली मृत्यु को कम किये जाने हेतु सुरक्षा उपाय किया जाना है।
O Critical Crash Location- क्रिटिकल कॉरिडोर में अधिकतम 500 मीटर का वह भाग होगा जहां सड़क दुर्घटनाओं में दो या दो से अधिक जनहानि हुई हो उन्हे क्रिटिकल कैश लोकेशन के रुप में चिन्हित किया जायेगा। इसमें दुर्घटना पैटर्न में आमने-सामने, पीछे से टक्कर और साइङ-इम्पैक्ट टक्करों के साथ-साथ पैदल यात्री और रात्रिकालीन दुर्घटनायें भी शामिल होर्गी, जो विवध जोखिम कारकों को उजागर करती है और अनुकूलित, स्थान विशिष्ट सुरक्षा हस्तक्षेपों की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
Critical Corridor Team (CC Team)- चिन्हित क्रिटिकल कॉरिडोर पर नियुक्त किये जाने वाले पुलिस बल को क्रिटिकल कॉरिडोर टीम (सीसी टीम) कहा जायेगा।
*2. सड़क दुर्घटना के प्रमुख कारण- सड़क दुर्घटना के प्रमुख कारक निम्नवत है-*
दुर्घटना के मुख्य कारण ओवर स्पीडिंग, ड्रंकन ड्राईविंग, रोग साइड ड्राइविंग, रैश ड्राइविंग अनुचित ओवर टेकिंग, पदयात्री सुविधाओं का अभाव एवं यातायात नियमों का उल्लंघन आदि हैं। ओवर स्पीडिंग / रैश ड्राइविंग से 50 प्रतिशत से ज्यादा दुर्घटना मृत्यु हो रही है।
अवयस्क द्वारा वाहन चलाना।
उल्लेखनीय है कि शीत ऋतु का आरम्भ हो चुका है। शीत ऋतु के दौरान कोहरे में दृश्यता कम हो जाती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं के घटित होने की सम्भावना बढ़ जाती है। कम दृश्यता की स्थिति में तेज गति से वाहन चलाना और भी घातक हो जाता है।
मार्ग के दोनों तरफ अनाधिकृत कटों का होना।
डिवाइडर पर अनाधिकृत कट का होना।
पैदल यात्रियों द्वारा लापरवाहीपूर्वक सड़क पार करना।
सवारी वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाना आदि ।






