*TV 20 NEWS || LUCKNOW: 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों को बड़ी सौगात, मानदेय ₹9 हजार से बढ़ाकर ₹17 हजार प्रतिमाह, लोक भवन में आयोजित सम्मान समारोह में वितरित किए गए चेक, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम*

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से रविवार को लोक भवन सभागार में 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े अनुदेशकों को मानदेय वृद्धि की सौगात देते हुए सम्मानित किया गया तथा प्रतीकात्मक रूप से चेक वितरित किए गए।

कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए अनुदेशकों, शिक्षा अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों की बड़ी उपस्थिति देखने को मिली। समारोह का मुख्य आकर्षण अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में की गई ऐतिहासिक वृद्धि रही। सरकार द्वारा 01 अप्रैल 2026 से अनुदेशकों का मानदेय ₹9,000 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। इस फैसले से लंबे समय से बेहतर मानदेय की मांग कर रहे हजारों अनुदेशकों को बड़ी राहत मिली है।

समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अंशकालिक अनुदेशक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में खेल, कला, संगीत और शारीरिक शिक्षा जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनका सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण आवश्यक था।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि का निर्णय लिया गया है ताकि वे और अधिक उत्साह एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

सम्मान समारोह के दौरान कई अनुदेशकों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की। उनका कहना था कि वर्षों से वे मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे थे और अब यह निर्णय उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

लोक भवन सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। समारोह के दौरान अनुदेशकों को सम्मान पत्र और प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए गए। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह और गौरव से भरा दिखाई दिया।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मानदेय वृद्धि का लाभ प्रदेश के सभी 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों को मिलेगा। इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और बढ़े हुए मानदेय का भुगतान निर्धारित समय से सुनिश्चित किया जाएगा।

सरकार के इस निर्णय को शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि इससे विद्यालयों में शिक्षण गतिविधियों की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।