*TV 20 NEWS || AZAMGARH :राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण, लंबित वादों का समयबद्ध निस्तारण एवं शासकीय योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता – जिलाधिकारी*

राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण, लंबित वादों का समयबद्ध निस्तारण एवं शासकीय योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता – जिलाधिकारी

अशासकीय गाटों की सूचना उपलब्ध कराने, ऑनलाइन प्रविष्टि में तेजी लाने तथा तहसील न्यायालयों में लंबित राजस्व वादों के प्रभावी निस्तारण के डीएम ने दिए निर्देश

आज़मगढ़, 26 जून 2026

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने शुक्रवार को कैंप कार्यालय से हाइब्रिड मोड में आयोजित समीक्षा बैठक में जनपद की सभी तहसीलों के समस्त राजस्व ग्रामों के अशासकीय गाटों की सूचना उपलब्ध कराने, गाटों की ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित कराने, शासकीय योजनाओं हेतु भूमि उपलब्ध कराने तथा तहसील न्यायालयों में लंबित राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, सहायक महानिरीक्षक निबंधन राजेश सिंह की उपस्थिति सहित अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गंभीर सिंह, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं उपनिबंधक ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सरकारी गाटों को छोड़कर शेष सभी गाटों से संबंधित आवश्यक सूचनाएं संबंधित उपनिबंधक कार्यालयों को उपलब्ध कराई जाएं, ताकि राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण एवं ऑनलाइन प्रविष्टि का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जा सके। उन्होंने सभी उपनिबंधकों को निर्देश दिए कि वे संबंधित उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदारों से समन्वय स्थापित कर तहसील के सभी राजस्व ग्रामों के गाटों की ऑनलाइन प्रविष्टि शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें।

बैठक में विशेष अभियान के अंतर्गत राजस्व संहिता की धारा-34 के वादों, 45 दिन से कम अवधि के लंबित मुकदमों तथा अंश निर्धारण संबंधी प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन 10 बजे से 12 बजे तक जनता दर्शन में बैठकर आमजन की समस्याएं सुनें तथा न्यायालय का नियमित संचालन करते हुए राजस्व वादों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पांच वर्ष से अधिक पुराने कोई भी राजस्व वाद लंबित नहीं रहने चाहिए। सभी अधिकारी नियमित समीक्षा करते हुए पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराएं तथा भूमि संबंधी विवादों एवं शिकायतों में प्रभावी कमी लाने के लिए गंभीरता से कार्य करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि बार-बार प्राप्त होने वाली भूमि संबंधी शिकायतों का स्थायी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिन व्यक्तियों द्वारा बार-बार भूमि पर अवैध कब्जे का प्रयास किया जाता है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि कानून व्यवस्था एवं राजस्व प्रशासन की विश्वसनीयता बनी रहे।

उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि ईआरके पटल का नियमित मॉनिटरिंग करें तथा लंबित प्रकरणों की सतत समीक्षा करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न शासकीय योजनाओं – अन्नपूर्णा भवन, स्वास्थ्य केंद्रों एवं अन्य जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु मुख्य राजस्व अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में भूमि संबंधी कोई भी बाधा नहीं आनी चाहिए तथा सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक भूमि समय पर उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनोन्मुखी बनाते हुए शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।