*TV 20 NEWS || PRYAGRAJ:डिजिटल इंडिया केवल तकनीकी विकास नहीं, बल्कि जन-जन से संवाद और सहायता का सेतु भी है — उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य*

प्रेस विज्ञप्ति

• *डिजिटल इंडिया केवल तकनीकी विकास नहीं, बल्कि जन-जन से संवाद और सहायता का सेतु भी है — उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य*

प्रयागराज/लखनऊ, 14 अगस्त 2026। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने आज प्रयागराज में डिजिटल मीडिया में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए मानवीय संवेदनशीलता और जनसेवा का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए श्री दीनानाथ पुत्र श्री हरिदत्त निवासी ग्राम्‍ निजामपुर, सिराथु, कौशाम्बीण को हेलमेट सहित ट्राई-साइकिल प्रदान की।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि डिजिटल इंडिया का अर्थ केवल तकनीकी विकास और आधुनिक डिजिटल सुविधाओं का विस्तार भर नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य तकनीक के माध्यम से हर नागरिक से सीधे संवाद स्थापित करना, उसकी समस्याओं को समझना और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ना भी है।

उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया जनसमस्याओं को सामने लाने तथा जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। डिजिटल मीडिया में प्रकाशित कौशाम्बी के इस जुझारू युवा साथी की खबर उनके संज्ञान में आई, जिसके बाद उनसे प्रत्यक्ष भेंट कर सहायता प्रदान करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की सकारात्मक शक्ति का उपयोग यदि जनसेवा के लिए किया जाए तो यह समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज को भी शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन सकता है।

उप मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद युवा साथी के चेहरे पर दिखाई देने वाली मुस्कान, आत्मविश्वास और अदम्य जीवटता हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, मनुष्य की इच्छाशक्ति और संघर्ष करने का जज्बा उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे जुझारू व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और इनके आत्मविश्वास को मजबूत करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
श्री मौर्य जी ने कहा कि डिजिटल इंडिया की सार्थकता इसी में है कि वह तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करे। यदि किसी डिजिटल माध्यम से सामने आई सूचना किसी जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने का कारण बनती है, तो यह तकनीक के जनकल्याणकारी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने डिजिटल इंडिया की जो दूरदर्शी परिकल्पना की है, वह भारत को केवल तकनीकी रूप से सशक्त बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक ऐसे नए भारत का निर्माण करना है, जिसमें तकनीक सुशासन, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जनकल्याण का माध्यम बने। प्रधानमंत्री जी की सोच नये युग के रचयिता की सोच है, जो आधुनिक तकनीक को जनसरोकारों से जोड़कर देश को नई दिशा प्रदान कर रही है।

उप मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में डिजिटल कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। आज आम नागरिक अपनी समस्याओं, आवश्यकताओं और सुझावों को डिजिटल माध्यमों के जरिए सरकार तक पहुंचा सकता है। इससे शासन और जनता के बीच संवाद अधिक सहज, त्वरित और प्रभावी हुआ है।

उन्होंने कहा कि तकनीक तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। डिजिटल माध्यमों से सामने आने वाली जनसमस्याओं को संवेदनशीलता के साथ समझना और यथासंभव समाधान की दिशा में कार्य करना जनसेवा की भावना को और मजबूत करता है।

उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री जी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के संकल्प के अनुरूप समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। दिव्यांगजन सहित समाज के जरूरतमंद वर्गों को सम्मानजनक जीवन, आत्मनिर्भरता और अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि आज कौशाम्बी के इस जुझारू युवा साथी को प्रदान की गई ट्राई-साइकिल केवल एक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और आगे बढ़ने के संकल्प का माध्यम है। उन्होंने युवा साथी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका साहस और संघर्ष निश्चित रूप से अन्य लोगों को भी विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।

अंत में उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच ने डिजिटल तकनीक को जनसेवा से जोड़कर भारत में विकास और संवेदना का नया अध्याय लिखा है। प्रधानमंत्री जी की इसी भविष्य निर्धारित करने वाली सोच को सलाम है। डिजिटल इंडिया तभी सफल होगा, जब तकनीक की पहुंच के साथ-साथ उसके केंद्र में मानवता, संवेदना और जनकल्याण भी सदैव बना रहे।