TV20 NEWS ||LUCKNOW: ग्रामीण सड़कों के निर्माण में गति, गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता : केशव प्रसाद मौर्य

– पीएमजीएसवाई फेज-3 के शेष मार्ग तत्काल पूर्ण हों, फेज-4 के 374 मार्गों का शीघ्र हो शिलान्यास : उपमुख्यमंत्री

– एफडीआर तकनीक से 1,096.88 करोड़ रुपये की बचत, 3.78 लाख घनमीटर एग्रीगेट के खनन से मिली पर्यावरणीय राहत

– ग्रामीण सड़क विकास में उत्तर प्रदेश को देश में प्रथम स्थान दिलाने के लिए गुणवत्ता और कार्यकुशलता बढ़ाएं अधिकारी : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। दिनांक 08.09.2026, आज योजना भवन, लखनऊ में मा0 उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी की अध्यक्षता में ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA) की साधारण सभा की बैठक आहूत की गई। बैठक में मा0 राज्य मंत्री श्रीमती विजय लक्ष्मी गौतम, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्री सौरभ बाबू, सचिव एवं आयुक्त ग्राम्य विकास श्री प्रमोद कुमार उपाध्याय, सचिव वित्त, सचिव लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण विकास सड़क अभिकरण, मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री शिव सहाय अवस्थी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी सहायकों भी उपस्थित रहे।

मा0 उपमुख्यमंत्री जी ने विभाग द्वारा प्रेषित प्रस्तावों पर सहमति प्रदान करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) फेज-3 के शेष मार्गों का निर्माण कार्य तत्काल पूर्ण कराया जाए तथा भारत सरकार द्वारा फेज-4 के अंतर्गत स्वीकृत 374 मार्गों का शिलान्यास जल्द से जल्द कराया जाए। उन्होंने 250 आबादी वाले गांवों को भी योजना से जोड़ने के लिए भारत सरकार से अनुमति प्राप्त करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

श्री मौर्य जी ने वित्त विभाग से समन्वय स्थापित कर वित्तीय स्वीकृतियां तत्काल जारी करने, फुटप्रिंट एवं कार्बन क्रेडिट का सतत उपयोग सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण मार्गों के निर्माण के पूर्ण होने पर मार्गों के किनारे फलदार वृक्षों का रोपण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य तकनीकी टीम को मार्गों का परीक्षण कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण कर ही केंद्रीय सर्वेक्षण टीम को आमंत्रित करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत मार्गों के नवीनीकरण/उच्चीकरण के लिए फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (FDR) तकनीक को अपनाए जाने संबंधी कार्यवृत्त का अनुमोदन किया गया। इस आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल तकनीक के माध्यम से प्रदेश में अब तक 746 सड़कों की कुल 5,809.99 किलोमीटर लंबाई के निर्माण/उच्चीकरण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

एफडीआर तकनीक से पारंपरिक तकनीक की तुलना में अनुमानित लागत 7,090.32 करोड़ रुपये से घटकर 5,993.44 करोड़ रुपये रह गई है, जिससे लगभग 1,096.88 करोड़ रुपये की बचत हुई है। इस तकनीक में लगभग 20 प्रतिशत कम सीमेंट का उपयोग होता है। साथ ही लगभग 1,600 किलोमीटर सड़कों में एग्रीगेट की 20 से 25 प्रतिशत तक बचत हुई है, जिससे लगभग 3.78 लाख घनमीटर एग्रीगेट के खनन की आवश्यकता समाप्त हुई है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सड़कों की मजबूती एवं टिकाऊपन में भी वृद्धि हुई है और भविष्य में अनुरक्षण व्यय में कमी आएगी।

मा0 उपमुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण को केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी द्वारा सड़क रख-रखाव में प्रथम स्थान, पोस्ट-डीएलपी रख-रखाव में तीसरा स्थान तथा अधिकतम पूर्ण लंबाई में तीसरा स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी।

उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग भविष्य में भारत सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानकों पर गुणवत्ता, कार्यकुशलता और समयबद्धता में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहे।