*TV 20 NEWS || AZAMGARH :लाइव कारखाना, दीया पेंटिंग और लोकगीतों ने मोहा लोगों का मन- आजमगढ़ माटीकला महोत्सव में बढ़ रही रौनक*
महोत्सव स्थानीय माटीकला से जुड़े कारीगरों एवं उद्यमियों के लिए लेकर आ रहा उत्साहजनक परिणाम
स्थानीय मिट्टी के उत्पादों के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि और स्वदेशी एवं हस्तनिर्मित वस्तुओं को अपनाने की भावना का सकारात्मक संकेत
आजमगढ़, 03 नवम्बर 2026//
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट स्थित आंबेडकर पार्क में आयोजित 7 दिवसीय आजमगढ़ माटीकला महोत्सव-2026 में लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। महोत्सव में स्थापित लाइव माटीकला कारखाना लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग मिट्टी से विभिन्न कलात्मक वस्तुओं एवं बर्तनों का निर्माण होते हुए प्रत्यक्ष देख रहे हैं। साथ ही, स्वयं चाक पर मिट्टी के बर्तन बनाने का अनुभव प्राप्त कर माटीकला की बारीकियों से रूबरू हो रहे हैं।
महोत्सव की विशेष आकर्षक गतिविधियों में शामिल दीया पेंटिंग में बच्चों, युवाओं एवं महिलाओं की विशेष सहभागिता देखने को मिल रही है। लोग अपनी कल्पनाशीलता और पसंद के रंगों से मिट्टी के दीयों को स्वयं सजा रहे हैं। इस गतिविधि के माध्यम से न केवल पारंपरिक कला के प्रति लोगों का जुड़ाव बढ़ रहा है, बल्कि मिट्टी के उत्पादों को रचनात्मक एवं आधुनिक स्वरूप देने की प्रेरणा भी मिल रही है। महोत्सव में लोक संस्कृति और संगीत का भी सुंदर संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध लोकगायक लक्ष्मण प्रजापति की लोकगीत प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुतियों से महोत्सव का वातावरण लोक संस्कृति और पारंपरिक संगीत के रंग में सराबोर हो उठा।
इस अवसर पर उपायुक्त (एनआरएलएम) डॉ. आराधना त्रिपाठी एवं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने महोत्सव में प्रदर्शित माटीकला उत्पादों, लाइव कारखाने एवं दीया पेंटिंग गतिविधियों का अवलोकन किया तथा स्थानीय कारीगरों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
महोत्सव में स्थानीय माटीकला से जुड़े कारीगरों एवं उद्यमियों के लिए भी उत्साहजनक परिणाम लेकर आ रहा है। महोत्सव के शुभारम्भ से लेकर अब तक मेले में लगभग रू0 50 हजार रू0 की बिक्री दर्ज की गई। यह स्थानीय मिट्टी के उत्पादों के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि और स्वदेशी एवं हस्तनिर्मित वस्तुओं को अपनाने की भावना का सकारात्मक संकेत है। आजमगढ़ माटीकला महोत्सव का उद्देश्य पारंपरिक माटीकला को नया बाजार उपलब्ध कराना, कुम्हार एवं शिल्पकार समुदाय की आजीविका को सशक्त बनाना, स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाना तथा नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध लोककला एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
जिला प्रशासन एवं माटीकला बोर्ड की ओर से जनपदवासियों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में पहुंचकर स्थानीय कारीगरों का उत्साहवर्धन करें तथा इस दीपावली मिट्टी के दीये एवं स्वदेशी माटीकला उत्पादों को अपनाकर कारीगरों के जीवन में भी खुशियों का प्रकाश फैलाएं।
आइए, इस दीपावली मिट्टी के हुनर को सम्मान दें और स्वदेशी के संकल्प के साथ कारीगरों के घर भी रोशन करें।






