नई दिल्ली : साढ़े चार महीने तक पेट्रोल-डीजल की कीमतें थमी रहीं और फिर से बढ़ी हैं, जाने नई दरें

नई दिल्ली. साढ़े चार महीने तक पेट्रोल-डीजल की कीमतें थमी रहीं और उसके बाद आज बुधवार को लगातार दूसरे दिन 80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. ईंधन के खुदरा विक्रेताओं के प्राइस नोटिफिकेशन के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब ₹96.21 की बजाय ₹97.01 प्रति लीटर होगी. पहले डीजल का रेट 87.47 रुपये प्रति लीटर था, जोकि अब बढ़कर 88.27 रुपये हो गया है. मुंबई में पेट्रोल की कीमत 85 पैसे बढ़कर 111.67 रुपये हो गई है, जबकि चेन्नई में कीमत 75 पैसे बढ़कर 102.91 रुपये हो गई है. कोलकाता में दरें ₹105.51 से बढ़कर ₹106.34 हो गईं.

 

मुंबई में डीजल की कीमतों में 85 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. रिकॉर्ड 137 दिनों के अंतराल के बाद 22 मार्च को इसमें 80 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी. उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले 4 नवंबर से कीमतें स्थिर थीं. इस अवधि के दौरान कच्चे तेल की कीमत 30 डॉलर प्रति बैरल बढ़ गई थी.

ये भी पढ़ें – EPF के बाद क्या अब PPF और स्मॉल सेविंग्स के ब्याज पर चलेगी कैंची?

चूंकि हर राज्य का लोकल टैक्स अलग होता है तो अलग-अलग राज्यों में दरें भी अलग होती हैं. राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स की विभिन्न दरों पर एक नज़र डालें-

किस राज्य में कितना टैक्स
पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल् (Petroleum Planning and Analysis Cell) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में ₹100 मूल्य के पेट्रोल के लिए, ग्राहक ₹45.3 का टैक्स चुकाता है, जिसमें ₹29 का केंद्रीय कर और ₹16.3 का राज्य कर शामिल है.

ये भी पढ़ें – निवेश के लिए चाहिए एक बेहतरीन स्टॉक, तो पकड़ लीजिए टेक्नोलॉजी कंपनी का ये शेयर!

यह जानकारी “स्टैट्स ऑफ इंडिया” नाम के एक ट्विटर हैंडल से पोस्ट की गई है. इसी तरह, महाराष्ट्र में, प्रत्येक ₹100 के पेट्रोल के लिए लोगों को इसमें से आधा लगभग टैक्स भरना होता है.

स्टैट्स ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, सात राज्यों महाराष्ट्र (₹52.5), आंध्र प्रदेश (₹52.4), तेलंगाना (₹51.6), राजस्थान (₹50.8), मध्य प्रदेश (₹50.6), केरल (₹50.2), और बिहार (₹50) में पेट्रोल की आधी कीमत टैक्स के रूप में वसूली जाती है. तीन राज्यों, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में राज्य के टैक्स केंद्रीय उत्पाद शुल्क टैक्स से अधिक हैं.