आजमगढ़ 27 जून — प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत जनपद आजमगढ़ में अब तक 7,51,159 कृषकों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें से सात लाख 14,972 कृषक पात्रता की श्रेणी में हैं। शेष कृषक विभिन्न कारणों से अपात्र है।
विस्तृत जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक आजमगढ़ डॉ आरके मौर्य ने बताया कि प्रदेश में सबसे अधिक 6,32,004 कृषकों को नियमित रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। यद्यपि जनपद आजमगढ़ विकासखंड की संख्या के अनुसार पूरे प्रदेश में सबसे बड़ा जनपद है ,लेकिन कृषक परिवारों की संख्या के आधार पर आजमगढ़ से अधिक कृषक जौनपुर ,हरदोई ,सीतापुर तथा लखीमपुर खीरी में है। लेकिन योजना के प्रारंभ होने के समय से ही कृषि विभाग द्वारा किसानों को इस योजना का लाभ दिलाए जाने हेतु लगातार कार्य करते हुए जिलाधिकारी के कुशल नेतृत्व में इस जनपद मे सबसे अधिक कृषकों को योजना का लाभ मिल रहा है।
योजना का लाभ पाने से केवल वही कृषक वंचित हैं, जिनके अभिलेखों में कमियां हैं अथवा जिनके डुप्लीकेट पंजीकरण है ,वे सभी कृषक अपना आधार संशोधन में रुचि नहीं दिखा रहे हैं ,विभाग द्वारा ऐसे कृषकों को चिन्हित कर उनके डाटा को डिलीट करा दिया जाएगा। इसी प्रकार विभाग द्वारा ऐसे कृषकों को भी चिन्हित किया जा रहा है जो पंजीकरण के समय योजना के लाभ लेने के लिए पात्र थे, लेकिन वर्तमान समय में कतिपय कारणों से वे अपात्र हो गए हैं।
उप कृषि निदेशक द्वारा बताया गया कि जिन कृषकों के आधार संशोधन हेतु डाटा अवशेष है और पात्रता की श्रेणी में आते हैं ,वह अविलंब आधार संशोधन करने हेतु अपने अभिलेख कृषि विभाग के कार्मिक को उपलब्ध करा दें।
वर्तमान समय में किसानों का पंजीकरण कृषि विभाग के द्वारा नहीं किया जाएगा ,बल्कि भारत सरकार द्वारा दिए गए साइट पर ओपन सोर्स से पंजीकरण होगा। जिन किसानों ने ओपन सोर्स से पंजीकरण कराया है, बगैर उनके अभिलेखों का सत्यापन किए उन्हें योजना का लाभ नहीं प्राप्त होगा ।
अतः ऐसे किसान जिन्होंने ओपन सोर्स से पंजीयन कराया है अभिलेखों की जांच हेतु कृषि विभाग के कर्मी को उपलब्ध कराएं ,तभी उन्हें भुगतान की अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी। जिन किसानों द्वारा अपात्र होते हुए भी योजना का लाभ लेने के लिए जानबूझकर फर्जी पंजीकरण कराया जा रहा है, विभाग द्वारा उन्हें चिन्हित कर उनके विरुद्ध एफ आई आर जैसे दंडात्मक कार्यवाही कराएगा।
साथ ही अब तक प्राप्त की गई धनराशि की वसूली भी किया जाएगा। उन्होंने कृषि विभाग में कार्यरत कार्मिकों को एवं राजस्व विभाग के कार्मिकों को सचेत किया है कि बगैर मूल अभिलेखों से मिलान किए किसी भी दशा में डाटा का सत्यापन न किया जाए ।






