लखनऊ। लोकतंत्र सेनानी कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के संरक्षक पूर्व मंत्री यशवंत सिंह ने कहा है कि देश के प्रथम समाजवादी प्रधानमंत्री राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर ने सशक्त, समृद्ध और सहृदय भारत के निर्माण का सपना देखा था। अपने प्रधानमंत्रित्व काल में वह इस दिशा में बढ़ रहे थे कि कांग्रेस ने उनकी सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर के सशक्त, समृद्ध और सहृदय भारत के सपने को साकार करना हम सभी चन्द्रशेखरवादियों का दायित्व है।
याद रहे कि १७ अप्रैल २०२६ से १७ अप्रैल २०२७ तक राष्ट्रपुरुष चंद्रशेखर जन्म शताब्दी वर्ष के तहत संपूर्ण देश में हजारों कार्यक्रम होने वाले हैं। इसी के तहत शुक्रवार १७ अप्रैल को प्रातः दस बजे चन्द्रशेखर चबूतरा, दारुलशफा, लखनऊ पर
राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर स्मृति समारोह आयोजित है।
सोमवार को इसकी तैयारी को लेकर हुई चंद्रशेखर समर्थकों की बैठक में पूर्व मंत्री यशवन्त सिंह ने कहा कि चन्द्रशेखर जी का सपना तभी साकार होगा जब सम्पूर्ण देश इसकी जरूरत को समझे और इसके लिए लगे। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय समझ के लिए हम लोगों को चन्द्रशेखर जी के विचारों को जन जन तक पहुंचाना होगा। जन्मशताब्दी समारोह वर्ष इस कोशिश के लिए एक अच्छा अवसर है।
पूर्व मंत्री यशवन्त सिंह ने कहा कि इस कोशिश के लिए अलग से कोई योजना की बनाने की जरूरत नहीं है। इसके लिए हम लोग अपने रोज के दैनिक समय में से एक घंटा या आधा घंटा का समय निकालना होगा। इस एक घंटा या आधा घंटा के बीच हम लोग दस पांच लोगों से व्यक्तिगत संपर्क करें और उन्हें बताएं कि चन्द्रशेखर जी का स्वदेशी मंत्र क्या है? उन्होंने पदयात्रा क्यों की? सार्वनिक उपक्रमों पर उनकी क्या राय थी? विश्वबैंक और उदारीकरण को वह भारत के लिए घातक क्यों कहते थे? पड़ोसी देशों से वह किस तरह का रिश्ता चाहते थे। आपस में वह किस तरह का रिश्ता चाहते थे।
पूर्व मंत्री यशवन्त सिंह ने कहा कि इस काम में लगने से पहले हम लोगों को चन्द्रशेखर जी के विचारों को ठीक से पढ़ना चाहिए। फिर उनके जीवन सफर की तरफ देखना चाहिए़। इसके तहत पहले खण्ड में उनका इब्राहिमपट्टी से लालकिले तक का जीवन सफर देखें । दूसरे खण्ड में उनका लालकिले से जीवन के अन्तिम दिन तक का सफर देखें कि उन्होंने कैसे,
” हम अकेले ही चले थे जानिबे मंजिल मगर,
लोग आते गए और कारवां बनता गया।”
को अपने जीवन में उतारा।फिर शुरू करें अपने अकेले सफर को कारवां बनाने का अभियान।
बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर, राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर – संसद में दो टूक और राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर – संसद में दो टूक (भाग दो)
के संपादक धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव ने की। बैठक में सर्वश्री पूर्व मंत्री शिवेंद्र सिंह, विधायक पलटू राम, वरिष्ठ पत्रकार अनिल त्रिपाठी , राघवेंद्र त्रिपाठी , दिलीप सिंह , केकेसी छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन सिंह , लोकतंत्र सेनानी आर पी अवस्थी , सुखलाल मौर्य , सामाजिक सेनानी चतुर्भुज सिंह , विजय शंकर चौबे, कन्हैया टंडन , संजय गुप्ता आदि प्रमुख लोग शामिल थे।





