TV 20 NEWS || LUCKNOW : मधुमक्खी पालन से जुडे न्यूजीलैंड के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से की शिष्टाचार भेंट

मधुमक्खी पालन से जुडे न्यूजीलैंड के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से की शिष्टाचार भेंट
– उत्तर प्रदेश सरकार किसानों, मधुमक्खी पालकों एवं शहद उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए  प्रतिबद्ध
– मधु उत्पादन, प्रसंस्करण एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों को निर्देश
उप मुख्यमंत्री, श्री केशव प्रसाद मौर्य जी
लखनऊ। दिनांक: 08 मई 2026, उत्तर प्रदेश के मा० उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज अपने सरकारी आवास पर भारत एवं न्यूजीलैंड के बीच कृषि एवं शहद उत्पादन क्षेत्र में सहयोग को लेकर न्यूजीलैंड के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से शिष्टाचार भेंट एवं विस्तृत वार्ता की। यह प्रतिनिधिमंडल भारत का प्रतिनिधित्व कर रही एपीडा तथा न्यूजीलैंड के सहयोग से संचालित “हनी एक्शन प्लान” के अंतर्गत प्रदेश के भ्रमण पर आया हुआ है।
प्रतिनिधिमंडल में श्री ईशान जयवर्धन (प्रमुख सलाहकार-व्यापार योजना कार्यान्वयन, एम.पी.आई., टीम प्रमुख), श्री बायरन पीटर टेलर (मधुमक्खीपालन तकनीकी प्रबन्धक), सुश्री मेलानी फिलिप (कृषि सलाहकार, एन.जे.एच.सी.), सुश्री प्रियम अरोरा तथा सुश्री सुदेशना रे (कृषि साझेदारी प्रबन्धक) सम्मिलित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व में जनपद रायबरेली के शिवगढ़ में निर्माणाधीन “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर हनी” तथा जनपद बाराबंकी में श्री निर्मित सिंह “मधुमक्खीवाला” की इकाई का भ्रमण कर प्रदेश में शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण की संभावनाओं का अवलोकन किया।
मा० उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों, मधुमक्खी पालकों एवं शहद उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के मध्य हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफ.टी.ए.) के बाद कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सहयोग की नई संभावनाएं विकसित हुई हैं, जिनका लाभ प्रदेश के किसानों और उद्यमियों को मिलेगा।
उपमुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों, कृषि विविधता तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। यदि आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण एवं बेहतर विपणन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए तो प्रदेश देश ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी शहद उत्पादन और निर्यात का प्रमुख केन्द्र बन सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहद उत्पादन, प्रसंस्करण एवं निर्यात को बढ़ावा देने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए तथा प्रतिनिधिमंडल को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ कृषि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहित कर रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
मा० उपमुख्यमंत्री जी ने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शहद उत्पादन को नई दिशा मिलेगी तथा इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने प्रदेश के शहद उत्पादकों एवं निर्यातकों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर विशेष बल दिया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री बी०एल० मीणा, शहद निर्यातक श्री निर्मित सिंह “मधुमक्खीवाला”, एपीडा के अधिकारी तथा उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।