TV 20 NEWS ||LUCKNOW: उत्तर प्रदेश में एफ.डी.आर. तकनीक से होगा ग्रामीण सड़कों का कायाकल्प: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत प्रदेश के हर गाँव को पक्की सड़क से जोड़ने का संकल्प होगा पूरा।
• चरण 3.0 समाप्ति की ओर, उत्तर प्रदेश अब PMGSY 4.0 की ओर तेजी से अग्रसर।
• उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए जमीनी हकीकत परखने और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से निरंतर संवाद स्थापित करने के कड़े निर्देश।

लखनऊ: दिनांक 23.05.2026, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश की ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण और कायाकल्प को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने ग्राम्य विकास आयुक्त और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO), उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA) को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में ग्रामीण सड़कों का निर्माण और नवीनीकरण अत्याधुनिक एफ.डी.आर. (Full Depth Reclamation) तकनीक के आधार पर शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए।

एफ.डी.आर. तकनीक: पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ निर्माण-यह तकनीक सड़कों के पुनर्निर्माण में क्रांतिकारी साबित हो रही है, इस तकनीक के अंतर्गत:
• पुरानी गिट्टी का पुनर्चक्रण: सड़क की पुरानी गिट्टी और सामग्री को ही आधुनिक मशीनों द्वारा क्रश (पुनर्चक्रित) किया जाता है।
• मजबूत बेस तैयार करना: इस सामग्री में सीमेंट और एक विशेष प्रकार के स्टेबलाइजर (Stabilizer) को मिलाकर बेहद मजबूत बेस तैयार किया जाता है।
• कम लागत, अधिक टिकाऊपन: इससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों (नए पत्थरों/गिट्टी) की बचत होती है और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुँचता, बल्कि सड़कें भी सामान्य से कहीं अधिक मजबूत और लंबे समय तक चलने वाली बनती हैं।
प्रधानमंत्री जी का सपना: हर गाँव तक पक्की सड़क- श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का सपना है कि देश का हर गाँव पक्की और सुसज्जित सड़क से जुड़े। उत्तर प्रदेश सरकार इस विजन को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के माध्यम से धरातल पर उतार रही है।

उन्होंने कहा कि- केन्द्र सरकार के सहयोग से चलाई जा रही PMGSY चरण 3.0 का लक्ष्य अब समाप्ति की ओर है, जिसमें उत्तर प्रदेश ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अब राज्य सरकार पूरी तैयारी के साथ PMGSY 4.0 की ओर अग्रसर है, ताकि छूटे हुए मजरों और ग्रामीण इलाकों को भी मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।”

अधिकारियों को सख्त निर्देश: कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखे काम
UPRRDA के कार्यों की प्रगति रिपोर्ट पर उप मुख्यमंत्री ने उच्च अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कड़े निर्देश दिए:
1. वास्तविक स्थिति का निरीक्षण: अधिकारी केवल फाइलों पर निर्भर न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर वास्तविक स्थिति और कार्यों की गुणवत्ता से अवगत कराएं।
2. जनप्रतिनिधियों से संवाद: विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों (सांसदों, विधायकों व अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों) से निरंतर संवाद स्थापित किया जाए।
3. सकारात्मक सुधार व गुणवत्ता: जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर उनके क्षेत्र में हो रहे कार्यों में आ रही देरी की वजहों को दूर किया जाए, उनके नए सुझावों को शामिल किया जाए और हर हाल में बेहतर व गुणवत्तापरक कार्य समय सीमा के भीतर संपन्न कराया जाए।

उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, ग्रामीण विकास ही उत्तर प्रदेश के समग्र विकास का आधार है।