*TV 20 NEWS || AZAMGARH:दयावंती पुंज मॉडल स्कूल, सीतामढ़ी, भदोही में साइबर थाना टीम द्वारा साइबर जागरूकता अभियान,छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को साइबर अपराध के नए-नए तरीकों से कराया गया जागरूक, बचाव के बताए उपाय*
*प्रेस नोट*
दिनांक -12.08.2026
*थाना साइबर क्राइम थाना/साइबर सेल जनपद भदोही*
*दयावंती पुंज मॉडल स्कूल, सीतामढ़ी, भदोही में साइबर थाना टीम द्वारा साइबर जागरूकता अभियान,छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को साइबर अपराध के नए-नए तरीकों से कराया गया जागरूक, बचाव के बताए उपाय*
पुलिस अधीक्षक भदोही *श्री अभिनव त्यागी* के निर्देशन में एवं अपर पुलिस अधीक्षक भदोही *श्री शुभम अग्रवाल* के पर्यवेक्षण में जनपद में चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के क्रम में आज दिनांक -12.08.2026 को *दयावंती पुंज मॉडल स्कूल, सीतामढ़ी, भदोही* में साइबर थाना/साइबर सेल टीम द्वारा साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम के दौरान साइबर थाना टीम द्वारा छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन फ्रॉड के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। बताया गया कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं और लोगों की जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर उन्हें आर्थिक एवं मानसिक रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं। साइबर अपराधियों द्वारा कभी बैंक अधिकारी, कभी पुलिस अधिकारी, कभी कस्टमर केयर कर्मचारी, कभी रिश्तेदार तो कभी किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बनकर फोन किया जाता है और व्यक्ति को विश्वास में लेकर उसकी व्यक्तिगत अथवा बैंकिंग संबंधी जानकारी प्राप्त कर ली जाती है।
टीम द्वारा डिजिटल अरेस्ट के संबंध में भी जागरूक किया गया। बताया गया कि साइबर अपराधी पुलिस, CBI, ED, नारकोटिक्स अथवा अन्य सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं और किसी फर्जी मुकदमे या आपराधिक गतिविधि में नाम आने का डर दिखाकर व्यक्ति को मानसिक दबाव में लेते हैं। इसके बाद वीडियो कॉल पर बने रहने, पैसे जमा करने अथवा बैंक संबंधी जानकारी देने के लिए दबाव बनाया जाता है। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को स्पष्ट किया गया कि किसी भी वास्तविक सरकारी कार्रवाई के नाम पर इस प्रकार वीडियो कॉल के माध्यम से धनराशि जमा कराने की मांग पर विश्वास न करें और ऐसी स्थिति में तत्काल अपने परिवार के सदस्यों तथा पुलिस को सूचना दें। इसी प्रकार फर्जी KYC, बैंक खाता बंद होने, मोबाइल नंबर बंद होने, बिजली बिल बकाया होने अथवा किसी सेवा को अपडेट कराने के नाम पर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक और मैसेज से सावधान रहने के लिए बताया गया। साइबर अपराधी लोगों को फोन कर जल्दबाजी में लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं तथा लिंक खोलने के बाद बैंकिंग अथवा व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। टीम द्वारा समझाया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए तथा OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN, पासवर्ड अथवा बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। टीम द्वारा वर्तमान समय में प्रचलित फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग एवं इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के बारे में भी विस्तार से बताया गया। साइबर अपराधी सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप अथवा अन्य माध्यमों से लोगों को निवेश में कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देते हैं। शुरुआत में फर्जी एप अथवा वेबसाइट पर लाभ दिखाकर विश्वास पैदा किया जाता है और बाद में अधिक धनराशि निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता है। जब पीड़ित धनराशि निकालने का प्रयास करता है तो टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी फीस आदि के नाम पर अतिरिक्त धनराशि की मांग की जाती है। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को ऐसे आकर्षक ऑफर और बिना जोखिम के अधिक लाभ के दावों से सावधान रहने के लिए जागरूक किया गया।। सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों के संबंध में भी विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए बताया गया कि साइबर अपराधी फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर परिचित या रिश्तेदार बनकर पैसों की मांग कर सकते हैं। किसी परिचित के नाम से अचानक पैसे मांगने पर पहले फोन करके उसकी वास्तविकता की पुष्टि करनी चाहिए। साथ ही सोशल मीडिया अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत पासवर्ड रखने, Two-Factor Authentication (2FA) का प्रयोग करने तथा अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट/मैसेज एवं संदिग्ध लिंक से सावधान रहने की सलाह दी गई।
साइबर थाना टीम द्वारा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है तो घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं तथा साइबर अपराध की जानकारी संबंधित पोर्टल पर भी उपलब्ध कराएं। साइबर फ्रॉड की सूचना जितनी जल्दी दी जाती है, ठगी गई धनराशि को रोकने/होल्ड कराने की कार्रवाई की संभावना उतनी अधिक रहती है। पीड़ित को ठगी से संबंधित मोबाइल नंबर, स्क्रीनशॉट, बैंक लेन-देन की जानकारी, मैसेज एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्य सुरक्षित रखने के लिए भी बताया गया। कार्यक्रम के अंत में साइबर थाना टीम द्वारा छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों से अपील की गई कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इन अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करें। सतर्कता, सावधानी और समय पर सूचना ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री एस. जयवीर शर्मा, शिक्षकगण श्रवण बिंद, इंद्राणी शर्मा, हिया हजरा एवं पवनकांत पाण्डेय सहित लगभग 150-200 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने मौजूद रहे ।
*साइबर थाना/साइबर सेल टीम*
निरीक्षक विजय गुप्ता प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना
हे0का0 देवानंद
कां0कन्हैया सिंह
*भदोही पुलिस द्वारा जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से साइबर जागरूकता अभियान निरंतर चलाया जा रहा है।*






