*TV 20 NEWS || AZAMGARH:थाना बीजपुर साइबर टीम की सराहनीय कार्य—साइबर फ्रॉड के शिकार आवेदक के ₹25,000/- की सम्पूर्ण धनराशि करायी गयी वापस*
*प्रेस नोट*
*जनपद : सोनभद्र*
*दिनांक : 12.08.2026*
*🔷🔶 थाना बीजपुर साइबर टीम की सराहनीय कार्य—साइबर फ्रॉड के शिकार आवेदक के ₹25,000/- की सम्पूर्ण धनराशि करायी गयी वापस-*
अवगत कराना है कि आवेदक *बबलू कुमार पुत्र गंगाप्रसाद निवासी ग्राम नेमना, थाना बीजपुर, जनपद सोनभद्र* के साथ अज्ञात व्यक्ति द्वारा मोबाइल पर स्कैनर भेजकर *₹25,000/-* की धनराशि की साइबर ठगी की गयी थी। उक्त घटना के सम्बन्ध में आवेदक द्वारा तत्काल *राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नम्बर 1930* पर कॉल कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करायी गयी।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र *श्री अभिषेक वर्मा* द्वारा साइबर अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, क्षेत्राधिकारी दुद्धी के दिशा-निर्देशन एवं थानाध्यक्ष बीजपुर के कुशल नेतृत्व में *थाना बीजपुर की साइबर टीम* द्वारा NCRP पोर्टल पर शिकायत का अवलोकन कर त्वरित कार्यवाही की गयी।
साइबर टीम द्वारा आवेदक की फ्रॉड हुई धनराशि के सम्बन्ध में आवश्यक जाँच करते हुए *₹25,000/- की सम्पूर्ण धनराशि को होल्ड कराया गया।* NCRP पोर्टल से आवश्यक साक्ष्य एकत्रित कर सम्बन्धित बैंक शाखा को रिपोर्ट प्रेषित की गयी, जिसके उपरान्त आवेदक की *फ्रॉड हुई सम्पूर्ण धनराशि ₹25,000/- उसके मूल बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गयी।*
धनराशि वापस प्राप्त होने पर आवेदक द्वारा *थाना बीजपुर की साइबर टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा एवं आभार व्यक्त किया गया।*
*💠 धनराशि वापस कराने वाली पुलिस टीम—*
1. *श्री राजेश कुमार सिंह*, थानाध्यक्ष, थाना बीजपुर, सोनभद्र।
2. *उ0नि0 कमलाकान्त पाण्डेय*, थाना बीजपुर, सोनभद्र।
3. *का0 सरोज अमितकुमार श्रीकृष्ण*, साइबर हेल्प डेस्क, थाना बीजपुर, सोनभद्र।
4. *म0का0 निहारीका पाण्डेय*, साइबर हेल्प डेस्क, थाना बीजपुर, सोनभद्र।
*⚠️ साइबर सुरक्षा अपील-*
यदि आपके साथ किसी प्रकार का साइबर अपराध/ऑनलाइन ठगी होती है तो *बिना देरी किए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर कॉल करें* अथवा नजदीकी थाने पर सूचना दें। साथ ही *[National Cyber Crime Reporting Portal] (https://cybercrime.gov.in/?utm_source=chatgpt.com)* पर तत्काल ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
*जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, ठगी की धनराशि को होल्ड कराकर वापस कराने की सम्भावना उतनी ही अधिक होगी।*






