*TV 20 NEWS || AZAMGARH : जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता मंे कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग के कार्याें की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी*
आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं, विद्यालयों में शैक्षिक व्यवस्था, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं तथा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप चलाए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के सभी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसका नियमित रूप से अनुश्रवण किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति तथा पठन-पाठन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में भवन, कक्ष, पेयजल, शौचालय, विद्युत, फर्नीचर अथवा अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित समस्याएं हैं, उनका चिन्हांकन कर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
डीएम ने अधिकारियों से छात्र-छात्राओं की उपस्थिति की स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम है, वहां कारणों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए जागरूक किया जाए।
जिलाधिकारी ने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों की शैक्षिक प्रगति का नियमित मूल्यांकन किया जाए। कमजोर विद्यार्थियों को चिन्हित कर उनके लिए अतिरिक्त शैक्षिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि कोई भी बच्चा पढ़ाई में पीछे न रह जाए। उन्होंने अधिकारियों को विद्यालयों के निरीक्षण की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान विभिन्न शैक्षिक योजनाओं एवं विभागीय कार्यक्रमों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ पात्र छात्र-छात्राओं तक समय से पहुंचना चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, शौचालयों की स्थिति तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण कराया जाए। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने विद्यालयों में अनुशासन के साथ-साथ बच्चों के अनुकूल वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें शिक्षक, प्रधानाचार्य, अभिभावक और स्थानीय स्तर के संबंधित अधिकारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं।
बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों में किसी प्रकार की समस्या आ रही है, उसकी जानकारी तत्काल उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान कराया जा सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बच्चों की नियमित उपस्थिति और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए आगामी समीक्षा बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
बैठक में शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।






