*TV 20 NEWS || LUCKNOW:उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने नाइजीरिया के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री सीनेटर डॉ. अलियु साबी अब्दुल्लाही (CON) एवं प्रतिनिधिमंडल के साथ की बैठक*
प्रेस विज्ञप्ति
• *उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने नाइजीरिया के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री सीनेटर डॉ. अलियु साबी अब्दुल्लाही (CON) एवं प्रतिनिधिमंडल के साथ की बैठक*
• *ग्रामीण सड़क निर्माण में आधुनिक तकनीक, ग्रामीण विकास और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों का किया प्रस्तुतिकरण*
• *“हर गांव में पक्की सड़क और पुल हमारा लक्ष्य, गांव विकसित होगा तो प्रदेश विकसित होगा” — उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य*
लखनऊ, 19 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने आज अपने सरकारी आवास, 7 कालिदास मार्ग, लखनऊ पर नाइजीरिया के संघीय गणराज्य के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री एवं प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सीनेटर डॉ. अलियु साबी अब्दुल्लाही (CON) तथा उनके सम्मानित प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं पर आधारित थी, जिसके अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों, विशेष रूप से एफडीआर (Full Depth Reclamation) तकनीक एवं कार्बन फुटप्रिंट को कम करने वाली तकनीकों, के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण विभाग की उपलब्धियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा एवं प्रस्तुतिकरण किया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने नाइजीरिया से आए प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत कर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को पुष्पगुच्छ भेंट की एवं अंगवस्त्र पहनाकर तथा स्मृति चिह्न (मोमेंटो) दे कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि भारत और नाइजीरिया के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण एवं सहयोगात्मक संबंध रहे हैं तथा विकास के विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच अनुभवों एवं तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
*“हर गांव में पक्की सड़क और पुल बनाना हमारा लक्ष्य” — श्री केशव प्रसाद मौर्य*
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि “हर गांव में पक्के मार्ग और आवश्यकतानुसार पुल उपलब्ध कराना हमारी सरकार का लक्ष्य है। गांव विकसित होगा तो प्रदेश विकसित होगा और प्रदेश के विकास के साथ प्रत्येक नागरिक के जीवन में खुशहाली आएगी।” उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कें गांवों को केवल शहरों से जोड़ने का कार्य नहीं करतीं, बल्कि वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा हैं। अच्छी सड़क होने से किसान अपनी उपज को आसानी से बाजार तक पहुंचा सकता है, विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिलते हैं, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा होती है और ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग एवं रोजगार की संभावनाएं बढ़ती हैं। सड़क संपर्क बेहतर होने से ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश का वातावरण बनता है और छोटे उद्यमों, कृषि आधारित उद्योगों तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए नई संभावनाएं पैदा होती हैं। इससे गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करने की आवश्यकता कम होती है।
*डबल इंजन सरकार में विकास के नए आयाम स्थापित*
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार देश और प्रदेश में विकास के नित नए आयाम स्थापित कर रही है। प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी सोच और दीर्घकालिक विकास की नीतियों का परिणाम है कि आज विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल भारत आकर यहां की योजनाओं, तकनीकों एवं विकास मॉडल को समझने, देखने और अपने देशों में अपनाने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश आज ग्रामीण सड़क संपर्क, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में बुनियादी ढांचे का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे गांवों में विकास की गति तेज हुई है। भारत और उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में मित्र देशों के साथ ज्ञान, तकनीक और अनुभवों का आदान-प्रदान अत्यंत उपयोगी है। नाइजीरिया के प्रतिनिधिमंडल का उत्तर प्रदेश आना दोनों देशों के बीच सहयोग की नई संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उप मुख्यमंत्री जी ने आशा व्यक्त की कि नाइजीरिया के प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश में ग्रामीण सड़क निर्माण एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से उपयोगी जानकारी प्राप्त होगी और दोनों देशों के बीच इन क्षेत्रों में भविष्य में और अधिक सहयोग एवं तकनीकी साझेदारी की संभावनाएं विकसित होंगी।
*प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के सफल 25 वर्ष*
बैठक में ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सौरभ बाबू ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि यह महत्वाकांक्षी योजना है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण को धरातल पर उतारा गया। योजना के माध्यम से गांवों को बारहमासी एवं गुणवत्तापूर्ण सड़क संपर्क से जोड़ने का कार्य लगातार आगे बढ़ाया गया, फेज-2 में 50,000 किलोमीटर का लक्ष्य पूर्ण किया गया। इसके पश्चात प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेज-3 की शुरुआत हुई, जिसके अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1.25 लाख किलोमीटर मार्ग निर्माण का कार्य किया गया। इसके बाद फेज-4 अंतर्गत लगभग 62,500 किलोमीटर मार्गों को विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेज-1 से फेज-4 तक कुल 21,124 मार्ग स्वीकृत किए गए हैं, जिनकी कुल लंबाई 77,418.69 किलोमीटर है। इन परियोजनाओं में 17 पुल भी शामिल हैं और इन कार्यों के लिए कुल 33,359.15 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। अब तक लगभग 21,040 किलोमीटर मार्गों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जो कुल स्वीकृत कार्य का लगभग 99.60 प्रतिशत है।
*एफडीआर तकनीक से टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल सड़क निर्माण*
मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण श्री शिव सहाय अवस्थी ने प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश में ग्रामीण सड़क निर्माण में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में सड़क निर्माण को अधिक टिकाऊ, गुणवत्तापूर्ण, लागत प्रभावी एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। एफडीआर तकनीक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस तकनीक के माध्यम से मौजूदा सड़क की सामग्री का ही वैज्ञानिक तरीके से पुनः उपयोग करते हुए सड़क को मजबूत एवं टिकाऊ बनाया जाता है। इससे निर्माण सामग्री की आवश्यकता कम होती है, परिवहन लागत में कमी आती है और निर्माण कार्य अधिक तेजी से पूरा किया जा सकता है। इसके साथ ही कार्बन फुटप्रिंट को कम करने वाली तकनीकों को अपनाकर सड़क निर्माण में पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश में ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए अपनाई जा रही इन आधुनिक तकनीकों में विशेष रुचि दिखाई और इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था, कृषि विपणन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलने वाली गति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
*खाद्य प्रसंस्करण से ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं को स्वरोजगार*
बैठक में उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव खाद्य प्रसंस्करण श्री बीएल मीणा द्वारा विभाग की उपलब्धियों एवं प्रदेश में स्थापित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किए जाने के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है और यहां विभिन्न प्रकार की फसलों, फलों, सब्जियों एवं अन्य कृषि उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। इन उत्पादों के प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं विपणन से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा स्थापित इकाइयों से तैयार होने वाले उत्पाद आज केवल देश के विभिन्न राज्यों तक ही नहीं पहुंच रहे हैं, बल्कि विदेशों में भी निर्यात किए जा रहे हैं। इससे उत्तर प्रदेश की पहचान एक मजबूत कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण केंद्र के रूप में स्थापित हो रही है। ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों एवं युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण से जोड़कर उनकी अपनी रोजगार इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
*नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश की तकनीकी पहल में दिखाई रुचि*
बैठक में नाइजीरिया के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री एवं प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सीनेटर डॉ. अलियु साबी अब्दुल्लाही ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण की आधुनिक तकनीक, ग्रामीण संपर्क व्यवस्था और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में महिलाओं एवं युवाओं को दिए जा रहे अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने, कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने, खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के मॉडल में रुचि दिखाई।
बैठक में नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल की ओर से सीनेटर डॉ. अलियु साबी अब्दुल्लाही (CON), माननीय राज्य मंत्री, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा एवं प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख; मोहम्मद इहिजुए अब्दुलमुतालिब, माननीय कमिश्नर, ऊर्जा एवं ग्रामीण विकास, कोगी राज्य; श्री बोलुवाडे एबेनेजर ओलामाइड, माननीय कृषि एवं खाद्य सुरक्षा आयुक्त, एकिति राज्य; इंजीनियर अमिनु बोडिंगा मोहम्मद, राष्ट्रीय समन्वयक, ग्रामीण पहुंच और कृषि विपणन परियोजना; डॉ. एडेट एकोंग, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री के निदेशक/विशेष सहायक; श्रीमती इलुरोमी डेबोला, निदेशक, संघीय विकास साझेदारी परियोजना विकास; श्री गलांची मलामी मोहम्मद, सोकेतो राज्य के गवर्नर के ग्रामीण विकास मामलों के वरिष्ठ विशेष सलाहकार; श्री अदुनमों रूफस संडे, कोगी राज्य प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर/डीजी, आरएएएमपी; डॉ. जिब्रिज शांतली मोहम्मद, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री के निजी सहायक तथा इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार झा, मुख्य तकनीकी सलाहकार, उत्तर प्रदेश शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव खाद्य प्रसंस्करण श्री बीएल मीणा, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्री सौरभ बाबू, मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण श्री शिव सहाय अवस्थी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।






