*TV 20 NEWS || DELHI:अधिवक्ताओं और उनके परिवारों के लिए एक समान राष्ट्रीय चिकित्सा बीमा नीति लागू की जाए : लॉयर्स फेडरेशन*
अधिवक्ताओं और उनके परिवारों के लिए एक समान राष्ट्रीय चिकित्सा बीमा नीति लागू की जाए : लॉयर्स फेडरेशन
नई दिल्ली (न्यूज़ वार्ता): लॉयर्स फेडरेशन ने भारत सरकार के माननीय कानून एवं न्याय मंत्री से देशभर के अधिवक्ताओं और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए एक समान, व्यापक राष्ट्रीय चिकित्सा बीमा नीति लागू करने की मांग की है। फेडरेशन ने इस संबंध में केंद्र सरकार को एक विस्तृत ज्ञापन भेजकर “नेशनल एडवोकेट्स मेडिकल इंश्योरेंस स्कीम (NAMIS)” स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।
लॉयर्स फेडरेशन के अध्यक्ष राजीव अग्निहोत्री ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का एक अभिन्न और महत्वपूर्ण अंग हैं। वे संविधान, विधि के शासन और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। देशभर में अधिवक्ताओं को अपने पेशे के सिलसिले में विभिन्न राज्यों में स्थित न्यायालयों, अधिकरणों और अन्य न्यायिक मंचों पर जाना पड़ता है। ऐसे में अधिवक्ताओं की चिकित्सा सुरक्षा भी राष्ट्रीय और समान आधार पर सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में अलग-अलग राज्यों, बार काउंसिलों और बार एसोसिएशनों में अधिवक्ताओं को उपलब्ध चिकित्सा एवं कल्याणकारी सुविधाओं में पर्याप्त अंतर है। किसी अधिवक्ता या उसके परिवार में गंभीर बीमारी, दुर्घटना, हृदय रोग, कैंसर, बड़ी सर्जरी अथवा लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती होने जैसी परिस्थिति उत्पन्न होने पर उपचार का खर्च परिवार की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
फेडरेशन ने मांग की है कि केंद्र सरकार बार काउंसिल ऑफ इंडिया, राज्य बार काउंसिलों तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के परामर्श से देशभर के पात्र अधिवक्ताओं के लिए एक समान चिकित्सा बीमा सुविधा सुनिश्चित करे।
प्रस्तावित नेशनल एडवोकेट्स मेडिकल इंश्योरेंस स्कीम (NAMIS) के अंतर्गत अधिवक्ताओं के साथ-साथ उनके पात्र आश्रित परिवारजनों—जैसे पति/पत्नी, आश्रित बच्चों और आश्रित माता-पिता—को भी चिकित्सा बीमा सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।
फेडरेशन ने यह भी सुझाव दिया है कि योजना के अंतर्गत पूरे भारत में कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो। देश के किसी भी राज्य में पंजीकृत अधिवक्ता को दूसरे राज्य में चिकित्सा उपचार लेने पर बीमा सुविधा से वंचित नहीं होना चाहिए। इसके लिए पूरे देश में अस्पतालों का व्यापक नेटवर्क बनाया जाना चाहिए।
राजीव अग्निहोत्री ने कहा “जो अधिवक्ता जीवनभर दूसरों के अधिकारों और न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष करता है, उसके और उसके परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा भी राष्ट्र की प्राथमिकता होनी चाहिए।”
लॉयर्स फेडरेशन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि इस प्रस्ताव को केवल बीमा योजना के रूप में नहीं, बल्कि देश के अधिवक्ताओं के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा और कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जाए।






