*TV 20 NEWS || LUCKNOW:उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में गांव-गांव पहुंच रही विकास की सड़क, मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था*
प्रेस विज्ञप्ति
– *उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में गांव-गांव पहुंच रही विकास की सड़क, मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था*
– *PMGSY से बदल रही गांवों की तस्वीर, सड़क कनेक्टिविटी से किसानों, महिलाओं और युवाओं को मिल रहा विकास का नया अवसर*
– *FDR तकनीक में यूपी देश में अग्रणी, 5,000 किमी से अधिक पर्यावरण- अनुकूल सड़कों का किया निर्माण*
– *बेहतर नहीं, बेहतरीन का संकल्प से करते हैं ग्रामीण मार्ग निर्माण*
शिव सहाय अवस्थी, CEO, UPRRDA
लखनऊ, 8 अक्टूबर 2026।
*उत्तर प्रदेश सरकार के यशस्वी उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के कुशल निर्देशन एवं विजनरी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। राज्य के सुदूर गांवों तक पक्की सड़कों का निर्माण होने से यह मार्ग अब ग्रामीण विकास और खुशहाली का नया जरिया बन चुके हैं। इन आधुनिक सड़कों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं, युवाओं और किसानों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय आर्थिक सुधार देखने को मिल रहा है। *उत्तर प्रदेश की इस विकास गाथा और उन्नत पर्यावरणीय तकनीकों का अध्ययन करने अब अन्य राज्यों के अधिकारी भी यहां आ रहे हैं, जो प्रदेश की कार्यशैली की मिसाल पेश करता है, शिव सहाय अवस्थी।*
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री शिव सहाय अवस्थी ने नई दिल्ली में आयोजित PMGSY चिंतन शिविर-2026 में कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ग्रामीण भारत को मजबूत, टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित चिंतन शिविर में राज्यों, राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास अभिकरण (NRIDA) और अन्य हितधारकों ने ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर विचार-विमर्श किया।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण-अनुकूल फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (FDR) तकनीक के उपयोग में देश में अग्रणी भूमिका निभाई है। *प्रदेश में अब तक 5,000 किलोमीटर से अधिक FDR सड़कों का निर्माण किया जा चुका है।* इस तकनीक से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने के साथ सड़क निर्माण के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में भी मदद मिल रही है। उत्तर प्रदेश की इस तकनीक और कार्यप्रणाली को समझने के लिए अन्य राज्यों के अधिकारी भी प्रदेश का अध्ययन करने आते हैं।
श्री अवस्थी ने कहा कि *उत्तर प्रदेश में 80,000 किलोमीटर से अधिक का ग्रामीण सड़क नेटवर्क है* और अब UPRRDA प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण PMGSY-IV में प्रवेश कर रहा है। इस चरण में सड़क निर्माण की गुणवत्ता, स्थायित्व, नवाचार, जलवायु-सहनीयता और अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि बेहतर ग्रामीण सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं हैं, बल्कि किसानों को बाजार से जोड़ने, ग्रामीण उत्पादों को मंडियों तक पहुंचाने, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान बनाने का माध्यम हैं। सड़क संपर्क बेहतर होने से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण रोजगार, कौशल विकास और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में भी सहायता मिलती है।
*श्री अवस्थी ने कहा कि उत्तर प्रदेश “बेहतर नहीं, बेहतरीन” कार्य करने के विश्वास के साथ ग्रामीण सड़क निर्माण में नई तकनीकों और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।* PMGSY चिंतन शिविर से प्राप्त अनुभवों को प्रदेश में लागू करते हुए ग्रामीण सड़कों को अधिक टिकाऊ, सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजबूत ग्रामीण सड़क नेटवर्क आत्मनिर्भर गांव, सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Ratan Singh Information Officer






