आजमगढ़, 04 नवम्बर 2026।
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क, कलेक्ट्रेट के सामने आयोजित सात दिवसीय आजमगढ़ माटीकला महोत्सव-2026 में लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। महोत्सव में स्थानीय कारीगरों द्वारा निर्मित मिट्टी के आकर्षक उत्पादों, पारंपरिक कलाकृतियों, दीपों एवं सजावटी वस्तुओं के प्रति लोगों में विशेष आकर्षण देखने को मिल रहा है।
महोत्सव के तीसरे दिन तक लगभग ₹70,000 की बिक्री दर्ज की गई। यह बिक्री स्थानीय कारीगरों के उत्पादों के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि तथा स्वदेशी और पारंपरिक हस्तशिल्प को मिल रहे प्रोत्साहन का प्रतीक है।
इस अवसर पर जिला युवा कल्याण अधिकारी सुल्तान सिंह एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह ने महोत्सव का भ्रमण किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों पर जाकर कारीगरों द्वारा तैयार किए जा रहे मिट्टी के उत्पादों का अवलोकन किया तथा उनके हुनर और रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने ऐसे आयोजनों को स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने, उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने तथा पारंपरिक माटीकला को नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
महोत्सव में लोकसंगीत की प्रस्तुतियां भी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई हैं। लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों से परिसर में उत्सव और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण बना हुआ है। इसके साथ ही लाइव माटीकला कार्यशाला में लोग स्वयं मिट्टी के बर्तन एवं अन्य कलाकृतियां बनाने का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं तथा दीया पेंटिंग गतिविधि में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
माटीकला महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय कुम्हारों एवं शिल्पकारों को विपणन का मंच प्रदान करना, उनकी आय में वृद्धि करना, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना तथा आजमगढ़ की समृद्ध माटीकला परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ना है।
महोत्सव दिनांक 07 नवम्बर 2026 तक आमजन के लिए खुला रहेगा। जनपदवासियों से अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर स्थानीय कारीगरों का उत्साहवर्धन करें तथा मिट्टी से बने स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर उनके हुनर और आजीविका को संबल प्रदान करें।






