आजमगढ़ 06 नवम्बर 2026
दीपावली पर्व के दौरान आतिशबाजी, पटाखों एवं दीपक/मोमबत्ती के प्रयोग से आग लगने की घटनाओं, जन-धन की क्षति तथा अन्य दुर्घटनाओं की रोकथाम के संबंध में जनपदवासियों हेतु विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी आजमगढ़ जिला प्रशासन द्वारा जारी किया गया है।
दीपावली प्रकाश, खुशहाली, उत्साह एवं आपसी सद्भाव का प्रतीक है। इस अवसर पर दीपक, मोमबत्ती, विद्युत झालर एवं पटाखों का प्रयोग किया जाता है। असावधानी, अनुचित स्थान पर पटाखे जलाने, ज्वलनशील पदार्थों के निकट आतिशबाजी तथा अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी से आग लगने की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसी घटनाओं में मकान, दुकान, गोदाम, झोपड़ी, फसल, वाहन एवं अन्य संपत्ति की क्षति तथा जनहानि की आशंका रहती है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा जनपदवासियों से अपील है कि दीपावली को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं दुर्घटनामुक्त बनाने हेतु निम्न सावधानियों का पालन करें।
पटाखे एवं आतिशबाजी के प्रयोग में सावधानियां-
पटाखे केवल खुले, सुरक्षित एवं पर्याप्त दूरी वाले स्थान पर जलाएं। आसपास ज्वलनशील सामग्री, वाहन, दुकान, मकान या विद्युत तार न हों पहले सुनिश्चित करें।बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें, जिम्मेदार वयस्क की निगरानी आवश्यक है।पटाखे जलाने के लिए लंबी मोमबत्ती अथवा सुरक्षित प्रज्वलन उपकरण का प्रयोग करें हाथ में पकड़कर न जलाएं।पटाखा जलाकर तुरन्त सुरक्षित दूरी पर चले जाएं। कांच की बोतल, बंद डिब्बे अथवा अन्य असुरक्षित वस्तुओं में पटाखे न जलाएं। एक साथ कई पटाखे या पटाखों का ढेर जलाने से बचें।पेट्रोल, डीजल, गैस अथवा अन्य ज्वलनशील पदार्थों के निकट आतिशबाजी न करें।
फटे, खराब, गीले अथवा पहले से जले पटाखों को दोबारा जलाने का प्रयास न करें। पटाखे जेब में न रखें खुले आग स्रोत के पास भंडारित न करें और आतिशबाजी के समय धूम्रपान न करें। पटाखे किसी व्यक्ति, पशु, वाहन या भवन की ओर न फेंकें सुरक्षित दूरी बनाए रखें। जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों, निर्धारित समय एवं स्थानीय प्रतिबंधों का पालन करें।
घर, मकान एवं आवासीय परिसर में अग्नि सुरक्षा- दीपक एवं मोमबत्ती स्थिर, सुरक्षित तथा गैर-ज्वलनशील स्थान पर रखें। दीपक को कपड़े, पर्दे, कागज, लकड़ी, प्लास्टिक एवं अन्य ज्वलनशील सामग्री से दूर रखें। जलते दीपक ऐसी जगह न रखें जहां बच्चों या पालतू पशुओं से गिरने की संभावना हो सकती है। मुख्य प्रवेश द्वार, गलियारे, सीढ़ियों एवं निकास मार्गों को खाली रखें। पूजा स्थल एवं घर में जलते दीपक को बिना निगरानी न छोड़ें सोने से पहले सभी खुले अग्नि स्रोत बुझाएं। विद्युत झालर एवं सजावटी लाइटों के लिए प्रमाणित उपकरण प्रयोग करें। फटे, ढीले या अत्यधिक गर्म विद्युत तारों का प्रयोग न करें। गैस, हीटर, रसोई एवं अन्य ज्वलनशील पदार्थों के निकट पटाखे न जलाएं। घर में अग्निशमन यंत्र, पानी की बाल्टी, रेत अथवा उपयुक्त अग्नि नियंत्रण सामग्री उपलब्ध रखें। परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित निकास मार्ग एवं आपातकालीन नंबरों की जानकारी दें।
दुकानदारों, व्यापारियों एवं पटाखा विक्रेताओं हेतु निर्देश-
पटाखों की बिक्री सक्षम प्राधिकारी की अनुमति एवं लागू नियमों के अनुसार ही करें। पटाखों का भंडारण एवं बिक्री निर्धारित सुरक्षित स्थान पर करें। दुकान में पर्याप्त खुला स्थान, सुरक्षित निकास एवं अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करें। पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर तथा अनावश्यक ज्वलनशील सामग्री दुकान में न रखें। दुकान में धूम्रपान, खुली आग एवं अन्य अग्नि स्रोत पूर्णतः निषिद्ध रखें। पटाखों का भंडारण निर्धारित मात्रा एवं सुरक्षा मानकों के अनुसार करें। विद्युत वायरिंग, अस्थायी कनेक्शन एवं प्रकाश व्यवस्था की जांच कराएं। अग्निशमन उपकरण आसानी से उपलब्ध रखें और कर्मचारियों को सुरक्षित निकासी की जानकारी दें। बिना अनुमति बिक्री, अवैध भंडारण एवं प्रतिबंधित आतिशबाजी से बचें।
खेतों, खलिहानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सावधानियां-
खेत, खलिहान, भूसा घर एवं फसल भंडारण स्थल के निकट पटाखे न जलाएं। भूसा, लकड़ी एवं कृषि अवशेषों के पास आतिशबाजी न करें। गांव में पटाखे जलाने के लिए खुले एवं सुरक्षित स्थान का चयन करें। मकान, पशुशाला, गौशाला एवं पशु आश्रय के निकट पटाखे न जलाएं। खेतों एवं खलिहानों के आसपास आग जलाने से बचें। आग लगने पर ग्रामीणों को सूचित करें और सुरक्षित उपायों से फैलाव रोकेंय जोखिम लेकर आग न बुझाएं।
बच्चों, बुजुर्गों एवं संवेदनशील व्यक्तियों की सुरक्षा-
छोटे बच्चों को पटाखे जलाने के लिए अकेला न छोड़ें। बच्चों को पटाखों के खतरे एवं सुरक्षित प्रयोग के बारे में समझाएं। बुजुर्गों, दिव्यांगजनों एवं बीमार व्यक्तियों को आतिशबाजी से दूर सुरक्षित स्थान पर रखें।तेज आवाज से प्रभावित व्यक्तियों एवं पालतू पशुओं के लिए शांत स्थान की व्यवस्था करें। बच्चों को पटाखों के अवशेष, माचिस एवं अन्य अग्नि प्रज्वलन सामग्री से दूर रखें। पटाखों से चोट लगने पर तत्काल प्राथमिक उपचार एवं चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएं।
आग लगने की स्थिति में तत्काल क्या करें- सबसे पहले स्वयं एवं आसपास के व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। अग्निशमन सेवा तथा जिला आपातकालीन नियंत्रण कक्ष को तत्काल सूचना दें। सूचना देते समय घटना का सही स्थान, आग का प्रकार एवं प्रभावित क्षेत्र का विवरण बताएं। गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल एवं ज्वलनशील पदार्थों से सुरक्षित दूरी बनाएं। विद्युत आग में बिजली आपूर्ति बंद कराएंय पानी का प्रयोग न करें। छोटी आग और सुरक्षित स्थिति में अग्निशमन यंत्र, रेत या उपयुक्त सामग्री का प्रयोग करें। आग तेजी से फैलने पर स्वयं बुझाने का प्रयास न करेंय सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। धुएं से बचने के लिए नाक-मुंह ढंकें और धुएं से भरे स्थान से बाहर निकलें। आग के दौरान लिफ्ट का प्रयोग न करेंय सीढ़ियों एवं सुरक्षित निकास मार्ग का उपयोग करें।
आग बुझने के बाद भी पुनः आग लगने की संभावना के प्रति सतर्क रहें।
आपातकालीन संपर्क नंबर-
अग्निशमन सेवा – 101/112
पुलिस आपातकालीन सेवा – 112
एंबुलेंस सेवा – 108
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष/क्म्व्ब् आजमगढ़- – 5462-297551, 297558, 297559
मो0न0 – 9454417172
आपदा टोल फ्री हेल्पलाइन – 1077






