प्रेस नोट
आजमगढ़ 22 अप्रैल– जिलाधिकारी श्री विशाल भारद्वाज की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग के कार्यों एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
जिलाधिकारी ने न्यायालय वार राजस्व वादों/स्टाम्प वादों की समीक्षा करते हुए कहा कि वादों का निस्तारण निर्धारित समय में गुणवत्ता युक्त तरीके से संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि जहां पर एसडीएम न्यायिक की तैनाती है, वहां समुचित मात्रा में वादों का निस्तारण सुनिश्चित कराएं । जिलाधिकारी ने राजकीय देयो की वसूली की समीक्षा करते हुए कहा कि जनपद के 10 सबसे बड़े बकायेदारों को तत्काल नोटिस जारी कर कुर्की कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पैमाइस के मामले को अभियान चलाकर पूरा कराएं। उन्होंने कहा कि अगले 3 दिन के अंदर एक प्रारूप पर सूचना उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि 3 माह, 6 माह एवं 1 साल के पेंडिंग पैमाइस के मामलों के निस्तारण की कार्यवाही सुनिश्चित कराए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही अगले 100 दिन मे कितना निस्तारित किया जाए, इसकी भी कार्य योजना बना ले। जिलाधिकारी ने दैवीय आपदा की समीक्षा करते हुए कहा कि दैवीय आपदा से प्रभावित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता देने में विलंब ना किया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसी का भी मुआवजा रोका ना जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से मृत्यु में अनुमन्य धनराशि का मुआवजा पीड़ित व्यक्ति को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इसकी समीक्षा सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जा रही है, इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम अपने स्तर से इसकी समीक्षा कर ले। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम अपने स्तर से लाभार्थी परक योजना की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह करें तथा आख्या स्पष्ट एवं साक्ष्य सहित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य मे सभी दिए जाने वाले पैसे की आडिट की जाएगी, इसका विशेष ध्यान रखें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गांव सभा कृषि भूमि के पट्टेदारो की पट्टा भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसी गरीब व्यक्ति को तभी हटाए, जब तक उसके आवास की जमीन का पट्टा ना कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि माननीय आयोग के संदर्भों को गंभीरता से ले तथा केसो को लंबित ना रखें। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, इसके लिए दिए जाने वाली जमीन लेखपाल की रिपोर्ट पर ही ना निर्भर रहे, इसके लिए तहसीलदार भी मौके पर जाकर जांच कर रिपोर्ट लगाएं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया की गौ आश्रय स्थल के लिए चारा उगाने के लिए चारागाह की जमीन का उपयोग करें l उन्होंने कहा पशुओ के लिए गौ आश्रय स्थल के गोबर को देकर उसके बदले किसानो से भूसा ले। उन्होंने कहा कि गांव में खेल का मैदान युवा कल्याण विभाग एवं मनरेगा से विकसित कराएं । उन्होंने निर्देश दिया कि व्यवसायिक गतिविधियों की जमीन का पट्टा ना किया जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन में लेखपालों के बैठने का रोस्टर जारी करें । प्रत्येक दिन जूम कॉल पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि जनहित की योजनाओं को लंबित ना करें। प्रत्येक दिन लेखपाल एवं कानूनगो की समीक्षा करेंl उन्होंने कहा कि उचित व्यक्तियों की समस्याओं का निस्तारण प्रत्येक दशा में कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम अपनी जनसुनवाई को प्रभावी बनाए एवं समस्याओं का निस्तारण गुणवत्ता युक्त तरीके से कराएं।
बैठक मे अपर जिलाधिकारी प्रशासन अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एव राजस्व आजद भगत सिंह, ज्वाइण्ट मजिस्ट्रेट गौरव कुमार तथा सभी एसडीएम व तहसीलदार तथा कलेक्ट्रेट के सभी सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।
——-जि0सू0का0 आजमगढ़-22.04.2022——–






