इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संपत्ति विवादों में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से निषेधाज्ञा जैसे आदेश पारित करने की प्रवृत्ति पर जताई गहरी नाराजगी,

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संपत्ति विवादों में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से निषेधाज्ञा जैसे आदेश पारित करने की प्रवृत्ति पर जताई गहरी नाराजगी,
कोर्ट ने अधिकारियों को आगाह किया है कि वे पारित न करें मनमाने आदेश

कोर्ट ने कहा की प्रमुख सचिव सभी जिलाधिकारियों की बैठक बुलाकर यह सुनिश्चित करें की भूमि संबंधी निजी विवादों में वे निषेधाज्ञा जैसे आदेश न करें जारी
कोर्ट ने कहा अदालतों का है यह काम

जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस विक्रम डी चौहान की डिविजन बेंच ने मथुरा के श्री एनर्जी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया यह आदेश

बताते चलें की याची ने मेरठ-हापुड़ रोड पर आवासीय योजना का शुरू किया निर्माण,
यह क्षेत्र प्रदेश सरकार की अधिसूचना के बाद आ गया था मथुरा नगर निगम की सीमा में

याची ने मथुरा विकास प्राधिकरण से भवन का नक्शा भी कराया है पास,
इसके बावजूद कुछ लोगों ने याची को परेशान करने की नीयत से मथुरा एसडीएम सदर को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर कहा कि कृषि भूमि पर हो रहा है निर्माण

एसडीएम सदर ने तथ्यों की जांच किए बगैर एक पक्षीय निषेधाज्ञा का कर दिया आदेश, और निर्माण पर लगा दिया रोक

हाई कोर्ट ने एसडीएम सदर मथुरा के निषेधाज्ञा का आदेश करने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हाईकोर्ट में ऐसी याचिकाओं की आ गई है बाढ़, जिनमें प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जमीन संबंधी विवादों में मनमाने तरीके से निषेधाज्ञा के आदेश को दी गई है चुनौती

कोर्ट ने डीएम मथुरा को आदेश दिया कि स्वयं इस मामले की जांच कर सकारण करें आदेश, और यदि याची का दावा सही पाया जाता है तो उसके निर्माण कार्य करने में न किया जाए हस्तक्षेप

कोर्ट ने प्रमुख सचिव को निर्देश दिया कि इस मामले को स्वयं देखें और जिलाधिकारियों की बैठक बुलाकर यह सुनिश्चित करें कि अफसर मनमाने तरीके से भू संबंधी आदेश न करें पारित,

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