नट हर्ष कुमार और नाटक नेहा रिद्धि मित्रा के गीत नृत्य ने नाटक को गति प्रदान किया। इस नाटक का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त निर्देशक अभिषेक पंडित ने किया इसी कड़ी में 15 फरवरी को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज द्वारा आयोजित नाट्य समारोह में ममता पंडित के निर्देशन में सूत्रधार आजमगढ़ द्वारा फणीश्वर नाथ रेणु की कहानी पहलवान की ढोलक का मंचन किया गया यह कहानी लुट्टन पहलवान नाम के चरित्र के इर्द-गिर्द बुनीगई है जिसे बचपन से ही पहलवानी और ढोलक बजाने का शौक है स्थानीय जमीदार उसे संरक्षण देता है लेकिन जमीदार के मर जाने के बाद उसके पुत्रों को लगता है की लोकतन पहलवान की कला के लिए दिया जा रहा आर्थिक सहयोग बेफिजूल का खर्च है लिहाजा लोकतन पहलवान को मिलने वाला आर्थिक सहयोग बंद कर दिया जाता है इसी बीच गांव में प्लेग की महामारी फैलती है जिसमें पूरा गांव रोज मर रहा है धीरे-धीरे पहलवान के दोनों पुत्र भी मर जाते हैं और लुट्टन पहलवान भी।इस प्रकार इस नाटक का कारुणिक अंत होता है इस भावपूर्ण कहानी में तीन मुख्य अभिनेताओं ने अपना अभिनय कौशल दिखाया जिनके नाम क्रमशः सूरज यादव सत्यम कुमार राहुल यादव है वेशभूषा नेहा रिद्धि मित्र ने किया प्रकाश रंजीत कुमार कर रहा संगीत संचालन गोपाल मिश्रा ने किया।