TV 20 NEWS || MAU : मऊ पुलिस द्वारा ‘साइबर जागरूकता, यातायात नियम एवं मिशन शक्ति’ पर जन-जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन-
डिजिटल युग में सतर्कता ही सुरक्षा – मऊ पुलिस ने आयोजित किया साइबर एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम-
सुरक्षित समाज, सशक्त नारी और सजग नागरिकता की ओर – पुलिस का प्रेरक जागरूकता आयोजन-
साइबर सुरक्षा के प्रति जनजागरुकता हेतु मऊ पुलिस द्वारा साई कालेज ऑफ फार्मेंसी में श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगढ़ रेज, आजमगढ़ श्री सुनील कुमार सिंह गरिमामयी उपस्थिति में “साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला” यातायात नियम तथा मिशन शक्ति जागकरुता का भव्य आयोजन किया गया ।
▶️ कार्यक्रम में श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ रेंज आजमगढ़श् श्री सुनील कुमार सिंह , द्वारा दिये गये सुरक्षा के टिप्स ।
▶️ साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन ठगी/साइबर अपराधों से बचाव हेतु दी गई विस्तृत जानकारी ।
पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 के निर्देशन में तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ रेंज आजमगढ श्री सुनील कुमार सिंह व पुलिस अधीक्षक मऊ श्री इलामारन जी के नेतृत्व में दिनांक 17 नवम्बर 2025 को साई कालेज ऑफ फार्मेसी में “साइबर जागरूकता, यातायात नियम एवं मिशन शक्ति” विषय पर एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथियों का सम्बोधन –
श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगढ़ रेंज आजमगढ़ श्री सुनील कुमार सिंह द्वारा अपने सम्बोधन में कहा गया कि पुलिस विभाग लगातार तकनीकी उन्नयन कर रहा है ताकि साइबर अपराधों की जांच एवं निवारण अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके। महोदय ने छात्रों एवं युवाओं से आग्रह किया कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिजनों व मित्रों को भी साइबर सुरक्षा की जानकारी दें।
कार्यक्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक श्री अनूप कुमार, क्षेत्राधिकारी नगर, श्री अंजनी कुमार पाण्डेय, समस्त थाना प्रभारी/थानाध्यक्ष विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, अध्यापकगण, पत्रकार बंधु, उद्यमी, व्यापारीगण एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
*कार्यक्रम की विशेष झलकियाँ-
कालेज के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक साइबर सुरक्षा, यातायात सुरक्षा एवं मिशन शक्ति विषयों पर आधारित गीत, नाटक, पोस्टर प्रदर्शन एवं लघु फिल्में प्रस्तुत कीं।
इन शिक्षाप्रद प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों ने यह संदेश दिया कि —
साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता ही सबसे प्रभावी उपाय हैं। सोशल मीडिया पर सोच-समझकर जानकारी साझा करें, किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से दूरी बनाए रखें और साइबर हेल्पलाइन पर तुरंत सूचना दें।
यातायात सुरक्षा पर आधारित नाट्य प्रस्तुति में छात्रों ने संदेश दिया —
“हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएँ, गति सीमा का पालन करें और मोबाइल का प्रयोग न करें।”
मिशन शक्ति विषयक लघु फिल्मों और समूह गीतों के माध्यम से छात्राओं ने आत्मरक्षा, आत्मनिर्भरता एवं नारी सशक्तिकरण का प्रेरक संदेश दिया।
इन प्रस्तुतियों को अधिकारियों द्वारा सराहा गया और छात्रों को “जागरूकता के युवा दूत” के रूप में समाज में ऐसे प्रयास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
नेशनल साइबर एक्सपर्ट श्री अमित दुबे तथा रक्षित टंण्डन का वर्चुवल संबोधन में कहा —
“डिजिटल अरेस्ट नामक कोई वैधानिक शब्द नहीं है। अतः यदि कोई व्यक्ति इस नाम से लिंक या कॉल भेजे, तो उस पर भरोसा न करें। किसी भी अनजान लिंक, QR कोड या ऐप से पैसे ट्रांसफर न करें और न ही अज्ञात कॉलर के कहने पर कॉल मर्ज या कॉल फॉरवर्डिंग करें।”
उन्होंने बताया कि लिंक फ्रॉड, ई-कॉमर्स फ्रॉड, APK/ऐप इंस्टॉल फ्रॉड, फ्री वाई-फाई फ्रॉड, बिजली बिल फ्रॉड, OLX फ्रॉड जैसे अनेक तरीकों से साइबर ठगी की जा रही है।
उन्होंने सुझाव दिया कि मोबाइल में SIM कार्ड लॉक सक्रिय करें तथा Mobi Armour जैसे प्रमाणित सुरक्षा एप का प्रयोग करें, जो छह प्रकार से साइबर सुरक्षा प्रदान करता है।
“साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें और अपने बैंक को ईमेल कर अकाउंट फ्रीज करवाएँ।
सरकार की आधिकारिक वेबसाइट www.csk.gov.in
(साइबर सुरक्षा केंद्र) पर जाकर एंटी-वायरस, बॉट रिमूवल टूल्स एवं सुरक्षा उपाय प्राप्त किए जा सकते हैं।”
साइबर विशेषज्ञ श्री मनीष कुमार सिंह साइबर कमांडो द्वारा प्रशिक्षण एवं लाइव डेमो :
कार्यक्रम के दौरान साइबर एक्सपर्ट श्री मनीष कुमार सिंह ) द्वारा एक विस्तृत सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने साइबर अपराधों के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, OTP ठगी, सुरक्षित पासवर्ड प्रबंधन, सोशल इंजीनियरिंग, फेक लिंक और डिजिटल भुगतान से जुड़ी ठगी के तरीकों की गहन जानकारी दी। लाइव डेमो के माध्यम से यह प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार UPI फ्रॉड, फेक कॉल, SMS स्कैम, और फिशिंग ईमेल के जरिए नागरिकों को ठगा जाता है, तथा उनसे बचने के लिए कौन-कौन से सावधानीपूर्ण कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के “3S फॉर्मूला – Stop, Scan, Share Wisely” को अपनाने की सलाह दी, जिससे वे किसी भी संदिग्ध डिजिटल गतिविधि से सुरक्षित रह सकें।
पुलिस अधीक्षक मऊ श्री इलामारन जी ने कहा —
“साइबर अपराध से निपटने का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। यातायात नियमों का पालन जीवन की सुरक्षा का मूल मंत्र है और मिशन शक्ति अभियान महिला सुरक्षा व सम्मान की दिशा में एक सशक्त पहल है।”





