आजमगढ़ 02 दिसम्बर– जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार ने बताया है कि जनपद में माह अप्रैल 2025 से माह अक्टूबर 2025 तक की उपलब्धि (यू-विन पोर्टल पर) हेप-बी जीरो डोज (18 प्रतिशत), ओपीवी जीरो डोज (18 प्रतिशत), पेन्टा-1 (49 प्रतिशत), ओपीवी-1 (52.34 प्रतिशत), एमआर-1 (61 प्रतिशत), एमआर-2 (55 प्रतिशत), मानकों के अनुरूप नहीं पायी गयी है। प्रदेश के अन्य जनपदों में भी टीकाकरण की स्थिति मानक के अनुरूप नहीं है। साथ ही पूरे प्रदेश में मीजिल्स रूबेला केसों में निरन्तर वृद्धि देखी जा रही है। उक्त को दृष्टिगत रखते हुये राज्य स्तर पर माह दिसम्बर 2025 को टीका उत्सव के रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। टीका उत्सव में संबंधित विभागों/ अधिकारियों द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जायेंगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीका उत्सव से पूर्व समस्त आशाओं एवं ए०एन०एम० द्वारा 0-5 वर्ष तक के उनके क्षेत्रों में टीकारण से छूटे हुए सभी बच्चों को सूचीबद्ध कर अपडेटेड ड्यूलिस्ट बनायी जायेगी। उन्होने निर्देश दिया कि टीका उत्सव का आयोजन नियमित टीकाकरण सत्रों के माध्यम से ही किया जाये। इस हेतु कोई भी अतिरिक्त सत्र नियोजित नहीं किया जायेगा। सभी सूचीबद्ध किये गये बच्चों का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर माइक्रोप्लान के अनुसार नियोजित किये गये सत्रों पर ही किया जाये। विशेष रूप से पेन्टा-1 एवं एमआर खुराक से छूटे हुए बच्चों को प्रतिरक्षित किये जाने हेतु अतिरिक्त प्रयास किये जाये। उन्होने कहा कि टीका उत्सव की समस्त गतिविधियों यू-विन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जायेंगी। पूर्व में पंजीकृत सभी बच्चों का टीकाकरण अद्युनान्त किया जाय एवं टीका उत्सव के दौरान अपंजीकृत बच्चों को पंजीकृत करते हुए उनका टीकाकरण सुनिश्चित किया जाय एवं सत्र दिवस पर ही यू-विन पोर्टल पर अद्युनान्त किया जाय। उन्होने कहा कि टीका उत्सव की समीक्षा यू-विन पोर्टल की रिपोर्ट के आधार पर की जायेगी।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है कि टीका उत्सव के दौरान नियोजित किये जाने वाले प्रत्येक सत्र के पूर्व जागरूकता गतिविधियों का विशेष रूप से आयोजन किया जाय। टीका उत्सव की सफलता हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय एवं प्रथम टीकाकरण दिवस सत्रों का उद्घाटन जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जाय। उन्होने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में छूटे हुए बच्चों के टीकाकरण हेतु बी०आर०टी० टीम, महिला आरोग्य समिति, नगरीय निकायों एवं अन्य स्थानीय स्वैच्छिक संस्थाओं से सहयोग लिया जाय। यू/पीएचएसएनडी सत्र पर टीकाकरण कर्मी यू-विन पोर्टल के ड्यू और ओवरड्यू बच्चों को बुलाकर/मोबिलाईज कर सत्र स्थल तक लाने का कार्य करेंगे। शहरी क्षेत्रों में आयोजित किये जाने वाले सभी दैनिक टीकाकरण सत्रों पर विशेष प्रयास करते हुए सभी छूटे बच्चों का टीकाकरण कराया जाय। ब्लाक स्तर से माइक्रोप्लान में लगाये गये सुपरवाईजर्स पर्वेक्षण करके अपडेटेड ड्यूलिस्ट को रिव्यू करेंगे तथा मोबिलाईज कर टीकाकरण करायेंगे तथा सांयकालीन समीक्षा बैठक में अपना फीडबैक साझा करेंगे। एईएफआई प्रबन्धन हेतु सभी टीकाकरण सत्रों पर एना एनाफिलेक्सिस किट की उपलब्धता के साथ ही पैरासिटामाल सिरप (125 एमजी/5एमएस) की उपलब्धत्ता एवं उसका वितरण सुनिश्चित किया जाय।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि टीका उत्सव की सफलता सुनिश्चित किये जाने हेतु जनपद स्तरीय अधिकारियों को ब्लाक एवं शहरी क्षेत्र आवंटित कर टीका उत्सव को सफल बनाया जाय। टीका उत्सव की रिपोर्ट एचएमआईएस पोर्टल पर भी अंकित की जाय। उन्होने कहा कि प्रत्येक ब्लाक/प्लानिंग यूनिट पर सांयकालीन समीक्षा बैठकें टीकाकरण दिवसों पर आयोजित की जाय। जिसमें टीका उत्सव की प्रगति एवं सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।
जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया है कि स्कूलों में 12 जानलेवा बिमारियों से बचाव हेतु प्रातः की प्रार्थना/पी.टी.एम के माध्यम से बच्चों तथा अभिभावकों को जागरूक कर टीकाकरण हेतु प्रेरित किया जाए। इसके साथ ही विद्यालयों मे निबन्ध/चित्रलेखन/पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की जाए। उन्होने बीएसए को निर्देशित किया है कि जहाँ विद्यालयों में यू/वीएचएसएनडी सत्र का आयोजन किया जाता है, वहाँ पर टीकाकरण टीम के बैठने की व्यवस्था करें। उन्होने कहा कि शिक्षकों द्वारा टीकाकरण के बारे में बच्चों/जनमानस को जागरूक कर सहयोग प्रदान किया जाए। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है कि यू/वीएचएसएनडी सत्र पर ऑगनबाड़ी वर्कर यह सुनिश्चित करें कि बच्चों की वजन मशीन, स्टेडियोमीटर एवं एन्फैन्टोमीटर उपलब्ध हो। जिससे अधिक से अधिक फुटफॉल कराकर सैम/मैम बच्चों का चिन्हिकरण तथा टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। ऑगनबाडी केन्द्रों पर 0-5 वर्ष के बच्चों की अपडेटेड ड्यूलिस्ट बनाना सुनिश्चित किया जाय। उन्होने कहा कि अन्नप्रासन एवं गोद भराई कार्यक्रम में टीकाकरण के प्रति जागरूक कर आर.आई दिवस पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाय। ऑगनबाडी एवं आशा वर्कर आपसी समन्वय से माता-पिता/सामुदायिक बैठक कर स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों के माध्यम से टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज विभाग को निर्देशित किया है कि जीरो डोजर, एम०आर० व अन्य टीकों से छूटे हुए बच्चों का यू/वीएचएसएनडी सत्र पर ग्राम पंचायत अधिकारी तथा पंचायत मित्र के द्वारा मोबिलाईजेशन के विशेष प्रयास किया जाय एवं डुग्गी बजवाकर सत्र से पूर्व सूचना दी जाय तथा सत्र के दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम से समन्वय कर, बच्चों को मोबिलाईज कर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया जाय। उन्होने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को निर्देश दिया है कि जिन मदरसों में यू/वीएचएसएनडी सत्र का आयोजन किया जाता हैं वहीं पर टीकाकरण टीम के बैठने की व्यवस्था करायें तथा धर्म-गुरुओं के साथ बैठक कर वैक्सीनेशन के सम्बन्ध में चर्चा कर बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण में सहयोग प्राप्त करेें।
जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी/जिला प्रतिरक्षण अधिकारी से समन्वय स्थापित कर समस्त सप्लाई इन्स्पेक्टरों व कोटेदारों को टीका उत्सव सफल बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करायें। उन्होने समस्त नगर निकायों को निर्देशित किया है कि जनपद में टीका उत्सव हेतु विभिन्न चौराहों पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम तथा एल.ई.डी के माध्यम से सघन प्रचार-प्रसार करायें। कूड़ा गाड़ी पर लगे माईक के माध्यम से टीकारकण के बारे में सूचना देकर उत्सव को सफल बनायें। उन्होने कहा कि सफाई नायकों तथा एरिया इन्स्पेक्टर द्वारा स्वास्थ्य विभाग की टीम से समन्वय स्थापित कर जीरो डोजर, एम.आर व अन्य टीकों से वंचित बच्चों को सत्र स्थल पर बुलाकर टीकाकरण सुनिश्चित करायें। उन्होने अध्यक्ष, आई.एम.ए., आई.ए.पी., एफ.ओ.जी.एस.आई. एवं रोटरी क्लब, आजमगढ़ से कहा कि बैनर, पोस्टर व अन्य माध्यम से टीकाकरण के बारे में जनमानस को जागरूक कर टीका उत्सव को सफल बनायें।
जिलाधिकारी ने समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उपरोक्त दिये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए टीका उत्सव को सफल बनाना सुनिश्चित करें।





