TV 20 NEWS ||AZAMGARH :सावधानी बरतेंः- डीएम ने की अपील, बच्चों को तालाब/नदियों से रखें दूर

आजमगढ़ 19 मई 2026
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने जनपदवासियों से तालाब, पोखर और नदियों में बच्चों को स्नान करने से रोकने की अपील की है। हाल के दिनों में डूबने की घटनाओं से जनहानि के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अभिभावकों को चाहिए कि व अपने बच्चों को जल स्त्रोतों के पास अकेला न छोड़े। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में अक्सर बच्चे तालाब या नदी में स्नान करने चले जाते हैं। यह उनकी जान के लिए खतरा बन सकता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को समझाएं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ही खेलने दें। पानी के पास खेलना या मस्ती करना खतरनाक है।
जिलाधिकारी ने नाव यात्रा को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए। कि जर्जर, टूटी-फूटी नाव पर सवारी न करें। नाव साफ और सूखी होनी चाहिए। छोटे बच्चों को अकेले नाव पर यात्रा न करने दें। नाव की भार क्षमता और लाइफ जैकेट की उपलब्धता की जांच करना आवश्यक है। यदि नाव पर अधिक भार होगा तो दुर्घटना की संभावना बढ़ जाएगी।
उन्होंने कहा कि नाव पर चढ़ते समय सावधानी बरतें और यह सुनिश्चित करें कि नाव सुरक्षित है। जिलाधिकारी लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति मादक पदार्थों का सेवन कर पानी में प्रवेश न करे। शराब या नशे की हालत में पानी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। जल में बने सुरक्षात्मक चिन्हों से आगे न जाएं। गहरे पानी में प्रवेश करना खतरनाक है। नाव से नाव पर कूदना या पानी में सेल्फी लेना भी हादसे का कारण बन सकता है।
उन्हेंनि कहा कि तैरना न आने वाले लोग नदी, तालाब या पोखर से दूर रहें। पानी में खेलना, मजाक करना या एक-दूसरे को धक्का देना खतरनाक है। कई बार लोग पानी में खेलते-खेलते हादसे का शिकार हो जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति पानी में डूब रहा हो तो सबसे पहले आसपास मौजूद लोग उसकी मदद करें और तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं। यदि व्यक्ति श्वास नहीं ले रहा है तो उसकी नब्ज जांचें और उसे सीपीआर दें। इसके बाद तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाएं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि थोड़ी सी सावधानी और जिम्मेदारी से कई हादसों को रोका जा सकता है। बच्चों की सुरक्षा, नाव यात्रा के नियम और पानी में व्यवहार को को लेकर दी गई ये हिदायतें हर नागरिक गंभीरता से माननी चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि यह जिम्मेदारी केवल प्रशासन की ही नहीं बल्कि हर नागरिक की है कि वह अपने परिवार और समाज को सुरक्षित रखें।