TV20 NEWS ||LUCKNOW: प्राकृतिक आपदा से संभावित नुकसान का त्वरित आकलन कर राहत कार्यों में तेजी लाई जाए
प्राकृतिक आपदा से संभावित नुकसान का त्वरित आकलन कर राहत कार्यों में तेजी लाई जाए
• ग्राम्य विकास, खाद्य प्रसंस्करण एवं रूरल इंजीनियरिंग विभाग के उच्च अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश- श्री केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ, दिनांक 29 मई, 2026। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कल आई भयंकर आंधी, तेज बारिश, ओलावृष्टि एवं बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए ग्राम्य विकास विभाग, खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा रूरल इंजीनियरिंग विभाग (आरईडी) के उच्च अधिकारियों को त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों, आधारभूत संरचनाओं एवं जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में अपने अधीन सभी विभागाध्यंक्षों को निर्देश दिये कि जिलों पर अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
उत्तेर प्रदेश के अनुमानित जनपद सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, कौशाम्बीद, प्रयागराज एवं झांसी में आंधी और पानी हुई क्षति की सूचना प्राप्तर होने उपरान्ता उप मुख्यगमंत्री जी ने तत्काल सर्वेक्षण कर क्षति का विस्तृत आकलन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत ग्रामीण सड़कों के कटाव की संभावनाएं बढ़ गई हैं। साथ ही मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के भवनों, ग्रामीण सडकों एवं विभागीय संपत्तियों के नुकसान का आंकनल करते हुए त्वरित व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
खाद्य प्रसंस्करण विभाग के संबंध में उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खाद्यान्न, फल, सब्जी एवं दुग्ध आधारित उत्पादों के भंडारण की स्थिति की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर कोल्ड स्टोरेज में रखे उत्पाद खराब होने की आशंका है। प्रसंस्करण इकाइयों में पानी घुसने से मशीनरी को तकनीकी क्षति पहुंच सकती है तथा पैकेजिंग सामग्री एवं तैयार उत्पाद भी प्रभावित हो सकते हैं। छोटे एवं सूक्ष्म खाद्य उद्योगों को आर्थिक क्षति से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
रूरल इंजीनियरिंग विभाग (आरईडी) के अधिकारियों को निर्देश देते हुए उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि ग्रामीण संपर्क मार्गों की स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। निर्माणाधीन परियोजनाओं में मिट्टी धंसने एवं निर्माण सामग्री बहने जैसी घटनाओं पर विशेष निगरानी रखी जाए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण विकास कार्यों की गति धीमी पड़ सकती है तथा सरकारी योजनाओं की लागत भी बढ़ सकती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए आवश्यक अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सर्वेक्षण, राहत कार्य, सड़क मरम्मत तथा जनसुविधाओं की पुनर्स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और राहत कार्य पूरी पारदर्शिता एवं तत्परता के साथ संचालित किए जाएं।






