*TV 20 NEWS || LUCKNOW: खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश को मिलेगा नया प्रोत्साहन, किसानों और युवाओं के लिए बढ़ेंगे अवसर, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य*

प्रेस विज्ञप्ति

*खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश को मिलेगा नया प्रोत्साहन, किसानों और युवाओं के लिए बढ़ेंगे अवसर, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य*

*उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत प्राप्त 12 नए निवेश प्रस्तावों को मिली अप्रेज़ल समिति की संस्तुति*

*पीएमएफएमई योजना के तहत प्रदेश में 26,156 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को ऋण स्वीकृति, लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति*
श्री बाबू लाल मीना, अपर मुख्य सचिव

लखनऊ, 18 जून 2026, उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत गठित अप्रेज़ल समिति की बैठक आज श्री बाबू लाल मीना, अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें प्राप्त नए निवेश प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी का उद्देश्य प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने, किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।

बैठक में अवगत कराया गया कि 15 जून 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर प्राप्त 12 नए निवेश प्रस्तावों को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। विस्तृत परीक्षण एवं तकनीकी मूल्यांकन के उपरांत सभी 12 प्रस्तावों को आवश्यक शर्तों के साथ राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (स्लेक) के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की संस्तुति प्रदान की गई।

इन निवेश प्रस्तावों में सरसों तेल मिल विस्तार, कैटल फीड निर्माण इकाई, मूंगफली प्रसंस्करण परियोजना, नमकीन एवं कन्फेक्शनरी उत्पादन इकाई, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में सोलर पावर प्लांट की स्थापना, बेकरी उत्पाद विस्तार परियोजना, कोल्ड स्टोरेज एवं फ्रोजन फूड विस्तार, नमकीन एवं मिठाई उत्पादन इकाई, मल्टीग्रेन फ्लोर निर्माण तथा नवीकरणीय ऊर्जा आधारित खाद्य प्रसंस्करण परियोजनाएं शामिल हैं।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि उपमुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई गति मिलेगी। किसानों को अपनी उपज के बेहतर मूल्य प्राप्त होंगे, कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन बढ़ेगा तथा कृषि एवं उद्योग के बीच मजबूत समन्वय स्थापित होगा। इसके साथ ही बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को निवेश के लिए आकर्षक बनाने हेतु अनुकूल नीतिगत वातावरण प्रदान कर रही है। उत्तर प्रदेश आज देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल हो रहा है और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत प्रदेश की प्रगति की भी समीक्षा की गई। समीक्षा में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में निर्धारित 31,335 लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 26,156 लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 83.47 प्रतिशत है। यह उपलब्धि प्रदेश में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

जनपदवार प्रगति की समीक्षा में प्रयागराज ने 68.12 प्रतिशत लक्ष्य उपलब्धि के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त कौशाम्बी (58.56 प्रतिशत), कानपुर देहात (55.92 प्रतिशत), ललितपुर (55.42 प्रतिशत) तथा फतेहपुर (55.17 प्रतिशत) शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जनपदों में शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री ने इन जनपदों के प्रशासन एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य जनपदों को भी बेहतर प्रदर्शन हेतु प्रेरित किया।

बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के क्रेडिट लिंक्ड कंपोनेंट के अंतर्गत देशभर में 18 जून 2026 तक कुल 1,98,116 इकाइयों को ऋण स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य के लगभग 99 प्रतिशत के बराबर है। यह योजना सूक्ष्म उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बैंकिंग संस्थानों के सहयोग से सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों को समयबद्ध वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है।

प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। योजना के माध्यम से ‘एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी)’ सहित स्थानीय खाद्य उत्पादों के प्रसंस्करण, विपणन एवं ब्रांडिंग को प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे सूक्ष्म उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि हो रही है।

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बढ़ते निवेश और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश कृषि आधारित उद्योगों का अग्रणी केंद्र बनकर उभरेगा तथा किसानों, उद्यमियों और युवाओं को इसका व्यापक लाभ प्राप्त होगा।यह प्रारूप सरकारी प्रेस विज्ञप्ति शैली में विस्तृत एवं प्रकाशन योग्य रूप में तैयार किया गया है।