*TV 20 NEWS || AZAMGARH:आजमगढ़ में महिला कल्याण योजनाओं की समीक्षा, डॉ. बबीता सिंह चौहान ने प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश*

आजमगढ़ में महिला कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

आजमगढ़। महिला कल्याण विभाग की ओर से आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, महिलाओं एवं बालिकाओं के उत्थान से जुड़े कार्यक्रमों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता महिला कल्याण विभाग की माननीय अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान (राज्य मंत्री स्तर प्राप्त) ने की।

बैठक में डॉ. बबीता सिंह चौहान ने विभागीय अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र महिलाओं, बालिकाओं एवं जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण, पोषण, शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने मिशन शक्ति, वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना तथा बाल संरक्षण से संबंधित कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की।

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यों एवं उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया। समीक्षा के दौरान लाभार्थियों के चयन, योजनाओं के प्रचार-प्रसार, शिकायतों के निस्तारण तथा लंबित मामलों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और पात्र लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए।

डॉ. चौहान ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी बल दिया।

बैठक में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे योजनाओं की नियमित निगरानी करें तथा शासन को निर्धारित समयावधि में प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, जिससे महिलाओं एवं बालिकाओं के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।