*TV 20 NEWS || AZAMGARH : ऑपरेशन “CyVazra” के तहत पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के आदेश पर देशव्यापी साइबर ठगी नेटवर्क पर आजमगढ़ पुलिस का सबसे बड़ा प्रहार*

*प्रेस-विज्ञप्ति, दिनांक : 12.07.2026*
*साइबर सेल, जनपद आजमगढ़*

*● ऑपरेशन “CyVazra” के तहत पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के आदेश पर देशव्यापी साइबर ठगी नेटवर्क पर आजमगढ़ पुलिस का सबसे बड़ा प्रहार।*

*● ऑपरेशन “CyVazra” की बड़ी सफलता : संगठित साइबर ठगी गिरोहों का भंडाफोड़, 11 शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार, 700 से अधिक राष्ट्रीय शिकायतों (NCRP) का खुलासा।*

*● ₹10 लाख से अधिक की धनराशि बैंक खातों में फ्रीज, लग्जरी वाहन, हाई-एंड मोबाइल, विदेशी सिम, फर्जी दस्तावेज, एटीएम कार्ड एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद।*

*पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश* के आदेश पर में साइबर अपराध के विरुद्ध प्रदेशभर में संचालित विशेष अभियान *”ऑपरेशन CyVazra”* के अंतर्गत *वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ महोदय डॉ. अनिल कुमार* के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) मधुवन कुमार सिंह एवं अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) पंकज श्रीवास्तव* के पर्यवेक्षण में जनपद आजमगढ़ पुलिस द्वारा देशव्यापी साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोहों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाकर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई है।
*ऑपरेशन “CyVazra”* के दौरान प्रभारी साइबर सेल *उप निरीक्षक रवि प्रकाश गौतम मय टीम व जनपद के विभिन्न थानों* द्वारा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर प्राप्त देशभर की *684 से अधिक साइबर शिकायतों* का विश्लेषण एवं तकनीकी जांच की गई। जांच के आधार पर जनपद के विभिन्न थानों में *कुल 13 अभियोग पंजीकृत* कराए गए तथा कार्रवाई करते हुए *11 शातिर साइबर अपराधियों* को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान साइबर ठगी से संबंधित *₹10,46,000 (दस लाख, छियालिस हजार रुपये)* की धनराशि विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज कराई गई।
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त अत्याधुनिक उपकरणों, कूटरचित सरकारी दस्तावेजों एवं *अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की बड़ी बरामदगी* हुई, जिनमें-
• 01 अदद महिन्द्रा थार वाहन
• 01 अदद होंडा मोटरसाइकिल
• 01 अदद प्लेटिना मोटरसाइकिल
• कुल 13 अदद हाई-एंड मोबाइल फोन (आईफोन-16, सैमसंग, हुआवेई, ओप्पो सहित अन्य ब्रांड)
• 01 अदद अंतरराष्ट्रीय (विदेशी) सिम कार्ड
• भारी मात्रा में कूटरचित/फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं मतदाता पहचान पत्र
• विभिन्न व्यक्तियों के नाम से तैयार फर्जी पहचान पत्र
• फर्जी मालदीव वर्क परमिट संबंधी दस्तावेज
• विभिन्न फर्जी कंपनियों/फर्मों की कूटरचित रबर मुहरें
• 14 अदद सक्रिय एटीएम/डेबिट कार्ड
• 04 अदद ब्लैंक चेकबुक एवं चेक
• ₹10,520/- नगद

*गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण (Total- 11)-*
1. सुधाकर पुत्र राम समुझ, निवासी– ग्राम इटौरा, थाना अहरौला, जनपद आजमगढ़।
2. नितिन मिश्रा पुत्र हरेन्द्र मिश्रा, निवासी– ग्राम मखदूमपुर, थाना तहबरपुर, जनपद आजमगढ़ (उम्र 24 वर्ष)।
3. नवनीत सिंह पुत्र राकेश सिंह, निवासी– ग्राम शम्भूपुर पुरा गहजी, थाना अहरौला, जनपद आजमगढ़ (उम्र 27 वर्ष)।
4. सुमित सिंह पुत्र विजय बहादुर सिंह, निवासी– ग्राम बाकरकोल, थाना अहरौला, जनपद आजमगढ़ (उम्र 32 वर्ष)।
5. मुकेश यादव पुत्र चन्द्र भूषण यादव, निवासी– हैदराबाद (छतवारा), थाना सिधारी, जनपद आजमगढ़ (उम्र 29 वर्ष)।
6. रवि कुमार पुत्र श्रीराम प्रसाद, निवासी– फत्तनपुर, थाना सरायमीर, जनपद आजमगढ़।
7. यशवीर सिंह पुत्र विजेन्द्र सिंह, निवासी– ग्राम कड़सारी गौतम, पोस्ट निरंजनपुर, जनपद बस्ती (उम्र 24 वर्ष)।
8. रामाश्रय सरोज पुत्र रामपलट सरोज, निवासी– सोफीपुर, थाना देवगाँव, जनपद आजमगढ़।
9. अमित मौर्या पुत्र रामसकल मौर्या, निवासी– समडीह आलापुर, थाना राजेसुल्तानपुर, जनपद अम्बेडकर नगर।
10. स्वप्निल पुत्र विजयबहादुर, निवासी– ग्राम खुरचंदा, थाना पवई, जनपद आजमगढ़।
11. आकाश चौहान पुत्र जोगिन्दर चौहान, निवासी– स्वरूपपुर अमुवारी नारायणपुर, थाना जीयनपुर, जनपद आजमगढ़ (उम्र 21 वर्ष)।

*साइबर ठगी के तरीके (Modus Operandi Breakdown)*
गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण एवं विवेचना के दौरान साइबर अपराध करने के विभिन्न संगठित तरीकों का खुलासा हुआ है। अभियुक्त सुनियोजित तरीके से अलग-अलग मॉड्यूल के माध्यम से देशभर के लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाते थे। प्रमुख तरीके निम्नलिखित हैं—
*• फर्जी फर्म एवं म्यूल अकाउंट सिंडिकेट:*
गिरोह के सदस्य बैंक कर्मियों की मिलीभगत से “TWINBUILD WELL” एवं “RJ INFRA” जैसी फर्जी फर्मों का निर्माण करते थे। इसके बाद सीधे-साधे लोगों को धन का लालच देकर उनके नाम पर करंट बैंक खाते खुलवाते तथा पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड एवं खातों से लिंक मोबाइल सिम अपने कब्जे में लेकर इन खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए करते थे। जांच में ऐसे खातों में मात्र तीन दिनों के भीतर *लगभग ₹40 लाख* तक का संदिग्ध वित्तीय लेन-देन प्रकाश में आया है।
*• फर्जी वीजा एवं विदेशी वर्क परमिट के माध्यम से ठगी :*
गिरफ्तार अभियुक्त मुकेश यादव, जो पूर्व में मर्चेंट नेवी में कार्यरत रहा है, इंटरनेट से मालदीव सरकार के मूल वर्क परमिट का टेम्पलेट डाउनलोड कर मोबाइल एप्लीकेशन की सहायता से उसमें कूटरचना करता था तथा बेरोजगार युवकों एवं श्रमिकों को विदेश में रोजगार दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये की धोखाधड़ी करता था।
*• टेलीग्राम प्रेडिक्शन, गेमिंग एवं ऑनलाइन लॉटरी फ्रॉड :*
अभियुक्त स्वप्निल टेलीग्राम पर अनेक फर्जी गेमिंग, कसीनो एवं प्रेडिक्शन चैनलों का संचालन करता था। वह लोगों को कम समय में अधिक लाभ का प्रलोभन देकर धनराशि ऑनलाइन ट्रांसफर कराता था तथा भुगतान प्राप्त होते ही पीड़ितों की टेलीग्राम आईडी ब्लॉक कर उनसे सम्पर्क समाप्त कर देता था।
*• सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग एवं अश्लील सामग्री का अवैध कारोबार :*
अभियुक्त आकाश चौहान टेलीग्राम पर “Lolly Seller” नाम से ग्रुप संचालित कर ऑनलाइन भुगतान (UPI) प्राप्त करने के उपरांत अश्लील फोटो एवं न्यूड वीडियो क्लिप्स उपलब्ध कराता था। प्रारंभिक जांच में यह भी प्रकाश में आया है कि इस माध्यम से लोगों को ब्लैकमेल करने एवं अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
प्रारंभिक जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि गिरफ्तार अभियुक्त फर्जी पहचान पत्र, बैंक खाते, एटीएम कार्ड, मोबाइल सिम एवं कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों से साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे। बरामद सामग्री के आधार पर इनके नेटवर्क, सहयोगियों तथा साइबर अपराध से अर्जित संपत्तियों के संबंध में गहन विवेचना एवं तकनीकी जांच की जा रही है।

*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार* ने बताया कि जनपद पुलिस साइबर अपराध के विरुद्ध पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। साइबर अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करते हुए उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में अभियान निरंतर जारी रहेगा। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल *1930 हेल्पलाइन अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल* पर शिकायत दर्ज कराकर पुलिस का सहयोग करें।