*TV 20 NEWS || LUCKNOW:”एक राष्ट्र, एक चुनाव” देश की आवश्यकता, इससे आर्थिक बोझ होगा कम और विकास कार्यों को मिलेगी नई गति : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य*

प्रेस विज्ञप्ति

• *”एक राष्ट्र, एक चुनाव” देश की आवश्यकता, इससे आर्थिक बोझ होगा कम और विकास कार्यों को मिलेगी नई गति : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य*
• *उप मुख्यमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी की अध्यक्षता वाली समिति के प्रस्तावों का किया पुरजोर समर्थन*
• *संविधान (129वाँ संशोधन) विधेयक, 2024 और संघ राज्य क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, संयुक्त समिति का अध्ययन दौरा-केशव प्रसाद मौर्य हुए शामिल, देश हित में विचार किये साझा*

*लखनऊ, 14 जुलाई, 2026,* श्री पी0पी0 चौधरी अध्यक्ष, (उत्तर प्रदेश राज्य एक राष्ट्र एक चुनाव) समिति की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज लखनऊ के होटल ताज, गोमती नगर में संविधान (129वाँ संशोधन) विधेयक, 2024 तथा संघ राज्य क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक के संबंध में गठित संयुक्त संसदीय समिति (Joint Parliamentary Committee) के अध्ययन दौरे के दौरान आयोजित विचार-विमर्श में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने समिति के समक्ष “एक राष्ट्र, एक चुनाव” की अवधारणा का पूर्ण समर्थन करते हुए इसे राष्ट्रहित, जनहित एवं सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति द्वारा प्रस्तुत सिफारिशें देश के लोकतांत्रिक ढांचे को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी एवं संसाधन-कुशल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। उत्तर प्रदेश सरकार इस प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन करती है और यह व्यवस्था देश में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी, वर्तमान व्यवस्था में बार-बार होने वाले चुनावों के कारण केंद्र एवं राज्य सरकारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। चुनावी प्रक्रिया में प्रशासनिक एवं सुरक्षा तंत्र का बड़ा हिस्सा लंबे समय तक चुनावी ड्यूटी में व्यस्त रहता है, जिससे विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है। यदि लोकसभा एवं विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे तो सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा तथा विकास परियोजनाओं को निरंतर गति मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि संविधान (129वाँ संशोधन) विधेयक, 2024 तथा संघ राज्य क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 “एक राष्ट्र, एक चुनाव” को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण संवैधानिक पहल हैं। अनुच्छेद 82A के माध्यम से लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ कराने का संवैधानिक आधार तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित “नियत तिथि” से लोकसभा एवं विधानसभाओं के कार्यकाल का समायोजन किया जाएगा तथा भारत निर्वाचन आयोग को एक साथ आम चुनाव कराने का अधिकार प्रदान किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर निर्वाचन आयोग किसी विशेष विधानसभा का चुनाव बाद में कराने की अनुशंसा भी कर सकेगा । प्रस्तावित संशोधनों के अंतर्गत अनुच्छेद 83 एवं 172 में भी परिवर्तन का प्रावधान किया गया है, ताकि यदि लोकसभा अथवा कोई विधानसभा समय से पूर्व भंग होती है तो नवगठित सदन केवल शेष कार्यकाल के लिए ही कार्य करेगा। इससे भविष्य में चुनावों का चक्र पुनः एक साथ बनाए रखना संभव होगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में वर्ष 1951 से 1967 तक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ सफलतापूर्वक संपन्न होते रहे हैं। इसलिए यह कोई नई व्यवस्था नहीं, बल्कि देश की पूर्व स्थापित लोकतांत्रिक परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि समय के साथ विभिन्न कारणों से यह व्यवस्था बाधित हुई, किंतु अब पुनः इसे लागू करने का समय आ गया है। हाल ही में निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में दो चरणों में सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न कराए हैं साथ ही अन्य राज्यों में चुनावो को निर्वाचन आयोग द्वारा सफलतापूर्वक कम अवधि में ज्यादा मतदान प्रतिशत से पूर्ण कराया है तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) वाले राज्यों में मतदाता सहभागिता में वृद्धि भी देखने को मिली है। इससे स्पष्ट होता है कि चुनावी प्रणाली को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाया जा सकता है।

श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की परिकल्पना के लिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल भारत को अधिक सशक्त, सुशासित एवं विकासोन्मुख बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का विजन विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जनहितकारी बनाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस महत्वपूर्ण पहल पर व्यापक जनसमर्थन प्राप्त होगा तथा इससे देश में सुशासन, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

श्री मौर्य ने बार-बार चुनाव से होने वाले नुकसान के बारे में बताया – बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव कार्यों में लगाई जाती है, जिससे विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होती है। पुलिस एवं सुरक्षा बलों तथा अन्य सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारियों की चुनाव से कानून व्यवस्था में अवरोध उत्पन्न होता है, विकास कार्यों में देरी होती है, राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है.

अंत में उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लोकतांत्रिक प्रक्रिया अधिक सुदृढ़ होगी, शासन में स्थिरता आएगी, सार्वजनिक संसाधनों की बचत होगी, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी तथा देश के नागरिकों पर पड़ने वाला आर्थिक एवं प्रशासनिक बोझ कम होगा, यह ऐतिहासिक पहल भारत को अधिक सक्षम, समृद्ध एवं सुशासित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।