*अवैध ऑनलाइन कीटनाशी विक्रय पर होगी सख्त कार्रवाई*
आजमगढ़ 21 जुलाई 2026/
जिला कृषि रक्षा अधिकारी/अनुज्ञापन अधिकारी हिमांचल सोनकर ने बताया है कि अपर कृषि निदेशक (कृ.र.), उत्तर प्रदेश द्वारा अवगत कराया गया है कि ई-वाणिज्य इकाई के माध्यम से कीटनाशियों का विक्रय करने वाली फर्मों द्वारा कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशी नियम, 1971 के प्रावधानों का पालन किया जाए तथा ई-वाणिज्य इकाइयों पर अवैध रूप से कार्य करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध जमीनी स्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनपद के समस्त थोक/फुटकर कीटनाशी विक्रेताओं एवं उनके माध्यम से कीटनाशी रसायनों का विक्रय करने वाली इकाइयों को सूचित किया जाता है कि कीटनाशियों का आयात, भंडारण, विक्रय/वितरण एवं उपयोग भारत सरकार द्वारा अधिसूचित कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशी नियम, 1971 के प्रावधानों के अधीन विनियमित है। समस्त पंजीकृत कीटनाशी विक्रेता यह सुनिश्चित करें कि उनके प्रतिष्ठान का वैध लाइसेंस उपलब्ध हो तथा केवल पंजीकृत एवं अनुमोदित कीटनाशियों का ही विक्रय किया जाए। प्रत्येक विक्रय का अभिलेख नियमानुसार संधारित किया जाए तथा विक्रय किए जाने वाले उत्पादों पर निर्धारित लेबल, बैच संख्या, निर्माण तिथि, अवसान तिथि एवं अन्य आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से अंकित होने चाहिए।
संज्ञान में आया है कि कुछ कीटनाशी विक्रेता एवं फर्में चोरी-छिपे बिना वैध लाइसेंस/विधिक अनुमति के ई-वाणिज्य प्लेटफॉर्म पर अवैध रूप से कीटनाशी उत्पादों का विक्रय एवं वितरण कर रही हैं, जो कि कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशी नियम, 1971 के प्रावधानों का उल्लंघन है। ऐसे अवैध व्यापार, बिना लाइसेंस ऑनलाइन अथवा अपंजीकृत एवं प्रतिबंधित उत्पादों के विक्रय पर संबंधित कीटनाशी विक्रेता के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनपद के सम्मानित कृषक बंधुओं से अपील है कि वे केवल अधिकृत/पंजीकृत कीटनाशी लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही समस्त कीटनाशी रसायन क्रय करें तथा किसी भी ऑनलाइन/ऑफलाइन माध्यम से संदिग्ध, अपंजीकृत अथवा प्रतिबंधित उत्पादों के विक्रय की सूचना तत्काल कृषि विभाग/जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय को अवगत कराएं।






