*TV 20 NEWS || LUCKNOW:सभी ग्राम सभाओं में तत्काल प्रारम्भ हों वीबीजी-रामजी योजना के कार्य, पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचे योजनाओं का लाभ : उप मुख्यमंत्री*

प्रेस विज्ञप्ति

• *सभी ग्राम सभाओं में तत्काल प्रारम्भ हों वीबीजी-रामजी योजना के कार्य*

• *पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचे योजनाओं का लाभ : उप मुख्यमंत्री*

• *15 अगस्त से पूर्व प्रदेश के सभी अमृत सरोवरों पर साफ-सफाई, लाइटिंग व रेलिंग कार्य पूर्ण करने के सख्त आदेश।*

• *योजनाओं की पारदर्शिता हेतु आधार-आधारित स्वचालित सत्यापन (Auto-Verification) व जीआई टैगिंग से मॉनिटरिंग कराएं*

• *”कार्यों में लापरवाही, ढिलाई या सरकार-विरोधी मानसिकता रखने वाले अधिकारियों पर होगी सख्त दंडात्मक कार्रवाई”*

*उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य*

लखनऊ, दिनांक 31 जुलाई, 2026, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज अपने सरकारी आवास 7, कालिदास मार्ग, लखनऊ में ग्राम्य विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सौरभ बाबू, ग्राम्य विकास आयुक्त श्री जी.एस. प्रियदर्शी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ग्राम्य विकास विभाग प्रदेश के ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन तथा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रमुख माध्यम है। इसलिए विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता को योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराना प्रत्येक अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उप मुख्यमंत्री ने वीबीजी-रामजी योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी ग्राम सभाओं में बिना विलम्ब कार्य प्रारम्भ कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध हो सके। उन्होंने रोजगार सेवकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने, नियमित एफडीओ की नियुक्ति सुनिश्चित करने तथा प्रशासनिक मद एवं कार्ययोजना मद की धनराशि का जिलेवार आवंटन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भारत सरकार के स्पर्श एप तथा प्रदेश के वित्त विभाग के एप के माध्यम से धन आवंटन में आ रही तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए। इसके लिए भारत सरकार से नियमित पत्राचार एवं आवश्यक बैठकों का आयोजन किया जाए तथा जिलास्तर पर तकनीकी टीम गठित कर विशेषज्ञों के माध्यम से प्रत्येक तकनीकी समस्या का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

श्री मौर्य ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत की कार्ययोजना एवं उसका सत्यापन कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने प्रदेश में व्यापक स्तर पर किए गए पौधरोपण अभियान के अंतर्गत रोपे गए वृक्षों को जीवित रखने के लिए ग्राम्य विकास एवं वन विभाग के बीच संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी अमृत सरोवरों पर आगामी 15 अगस्त के ध्वजारोहण कार्यक्रम से पूर्व साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, रेलिंग, सौंदर्यीकरण तथा अन्य आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए जाएं, जिससे अमृत सरोवर ग्रामीण विकास एवं जनभागीदारी के आदर्श केंद्र के रूप में विकसित हो सकें। उन्होंने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता एवं शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए मुख्यालय स्तर पर अपीलीय अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि केन्द्रीय ग्राम्य विकास मंत्रालय से पत्राचार कर प्रदेश के गरीब एवं पात्र परिवारों के हित में अतिरिक्त चार लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराने का अनुरोध किया जाए। साथ ही वर्तमान में प्रदेश को आवंटित 6 लाख 18 हजार प्रधानमंत्री आवासों की जिलेवार सूची शीघ्र तैयार कर आवंटन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा केवल वास्तविक एवं पात्र लाभार्थियों को ही आवास उपलब्ध कराए जाएं। इसके लिए संपूर्ण प्रक्रिया का कम्प्यूटरीकरण किया जाए तथा जीआईएस एवं जियो टैगिंग के माध्यम से प्रत्येक आवास की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवास योजना से संबंधित कागजी प्रक्रिया को सरल बनाया जाए तथा सभी विभागीय अनुमतियां एकीकृत रूप से उपलब्ध कराने के लिए नोडल डेस्क की स्थापना की जाए। उन्होंने आवेदन से लेकर भौतिक सत्यापन एवं स्वीकृति तक की संपूर्ण प्रक्रिया के लिए 15 से 30 दिन की निश्चित समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत एवं विकास खण्ड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए। साथ ही पोर्टल पर आधार कार्ड के माध्यम से डेटा का स्वतः सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, जिससे नाम एवं अन्य विवरणों में होने वाली डेटा मिसमैच की समस्या समाप्त हो सके।

श्री मौर्य ने निर्देश दिए कि योजनाओं की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ग्राम स्तर पर नियमित सोशल ऑडिट कराया जाए तथा वीबीजी-रामजी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार मीडिया एवं जनसंपर्क माध्यमों से किया जाए ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं की जानकारी पहुंच सके।

बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास को उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने दो टूक कहा कि “मेरे विभाग में कार्य के प्रति लापरवाही, अरुचि अथवा सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के प्रति नकारात्मक मानसिकता रखने वाले अधिकारियों के लिए कोई स्थान नहीं है। जनता के हितों से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक अधिकारी पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि प्रदेश के ग्रामीणों को सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ समय पर और पूरी ईमानदारी से मिल सके।”