*TV 20 NEWS || LUCKNOW: स्वयं सहायता समूह, वीबी जी राम जी श्रमिकों, रोजगार सेवकों और बीआरपी-सीआरपी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाने के आदेश*
प्रेस विज्ञप्ति
• *स्वयं सहायता समूह, वीबी जी राम जी श्रमिकों, रोजगार सेवकों और बीआरपी-सीआरपी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाने के आदेश*
• *विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लाएं तेजी, जिला स्तर पर वित्तीय अधिकारों का हो आवंटन*
• *ग्राम विकास, आजीविका मिशन और डीआरडीए में रिक्त पदों का अधियाचन तुरंत आयोग को भेजने के निर्देश*
• *उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन में भर्ती शिकायतों और ई-रिक्शा खरीद में भिन्नता की जांच हेतु 3-3 सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटियां गठित करने के आदेश*
• *उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक की; अधिकारियों को दिए कड़े एवं दिशा-निर्देशत्मक निर्देश*
*लखनऊ, 19 अगस्त 2026।* उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने आज ग्राम्य विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय योजनाओं, वित्तीय प्रबंधन, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़कों, आजीविका मिशन, रोजगार सेवकों, ग्राम चौपाल, वृक्षारोपण, प्रशिक्षण, कार्मिक व्यवस्था तथा ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्री सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास श्री जी.एस. प्रियदर्शी, सोशल ऑडिट सेल के निदेशक श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण श्री शिव सहाय अवस्थी, मिशन निदेशक श्री अरुण कुमार, विशेष सचिव ग्राम्य विकास श्री मनोज कुमार सिंह, विशेष सचिव वित्त श्री नील रतन कुमार, विशेष कार्याधिकारी वित्त श्रीमती प्रतिभा मिश्रा, विशेष सचिव ग्राम्य विकास श्री जयंत यादव, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी श्री संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
*रिक्त पदों का अधियाचन तत्काल आयोग को भेजने के निर्देश*
उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, यूपीएसआईआरडी सहित डीआरडीए में रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न संस्थाओं एवं विभागीय इकाइयों में रिक्त पदों का अधियाचन तत्काल संबंधित आयोग को भेजा जाए, जिससे भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो और विभागों में मानव संसाधन की कमी दूर की जा सके।
कर्मचारियों एवं श्रमिकों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने स्वयं सहायता समूहों, वीबीजी-राम-जी योजना के श्रमिकों, रोजगार सेवकों, बीआरपी एवं सीआरपी कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने वाले कर्मचारियों एवं कार्यकर्ताओं के हितों का भी ध्यान रखा जाना आवश्यक है।
*रोजगार सेवकों की ईपीएफ संबंधी समस्याओं का समयबद्ध समाधान*
उप मुख्यमंत्री जी ने रोजगार सेवकों के ईपीएफ भुगतान से संबंधित आ रही परेशानियों का संज्ञान लेते हुए निर्देशित किया कि इन समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों एवं रोजगार सेवकों से जुड़े वित्तीय एवं सेवा संबंधी मामलों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
*वीबीजी-राम-जी योजना के बजट प्रबंधन एवं क्रियान्वयन में तेजी के निर्देश*
उप मुख्यमंत्री जी ने वीबीजी-राम-जी योजना (विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी ग्रामीण अधिनियम) की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत आवंटित बजट के प्रबंधन एवं उपयोग की प्रक्रिया में और अधिक गति लाई जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर योजना के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का स्पष्ट एवं प्रभावी बंटवारा संबंधित अधिकारियों को किया जाए, ताकि विकास कार्यों एवं रोजगार सृजन से जुड़े प्रस्तावों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न हो। वीबीजी-राम-जी योजना के लिए जिलेवार कार्ययोजना तैयार कर धन आवंटन तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं के निर्धारण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई जाए। प्रत्येक जिले की आवश्यकता, स्थानीय परिस्थितियों और ग्रामीण क्षेत्रों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्यों का चयन किया जाए।
श्री मौर्य जी ने कहा कि ग्राम प्रधानों को वीबीजी-राम-जी योजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की समिति गठित की जाए और प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। योजना से महिला श्रमिकों को अधिक से अधिक जोड़ने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को और मजबूत किया जाए।
*प्रधानमंत्री आवास एवं मुख्यमंत्री आवास योजना में तेजी लाने के निर्देश*
उप मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं मुख्यमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी हो और पात्र परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ निर्धारित समयसीमा में प्राप्त हो।
*ग्राम चौपाल को और प्रभावी बनाने के निर्देश*
श्री मौर्य जी ने ग्राम चौपाल की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्राम चौपाल ग्रामीणों की समस्याओं को गांव स्तर पर सुनने और उनके समाधान का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम चौपाल का नियमित कैलेंडर तैयार किया जाए और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से ग्राम चौपालों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपाल की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि शासन स्तर से इसकी नियमित समीक्षा की जा सके और जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।
*वृक्षारोपण के बाद पौधों के संरक्षण पर विशेष जोर*
उप मुख्यमंत्री जी ने वृक्षारोपण अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को जीवित रखना और उनका संरक्षण करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने डीएमएम, बीएमएम, एडीओ एवं बीडीओ को आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना तैयार कर पौधों की देखभाल एवं संरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण की सफलता का वास्तविक मूल्यांकन पौधों की जीवित रहने की स्थिति के आधार पर किया जाना चाहिए।
*स्वयं सहायता समूहों को बैंक लिंकेज से जोड़ने के निर्देश*
श्री मौर्य जी ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए स्वयं सहायता समूहों को अधिक से अधिक बैंक लिंकेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग सुविधाओं, वित्तीय संसाधनों एवं आजीविका के अवसरों से प्रभावी ढंग से जोड़ा जाए। जिलेवार ई-रिक्शा खरीद में भिन्नता की जानकारी प्राप्त होने पर उन्होंने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति द्वारा तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
*यूपीएसआईआरडी में प्रशिक्षण के लिए कैलेंडर एवं रोस्टर तैयार करने के निर्देश*
उप मुख्यमंत्री जी ने यूपीएसआईआरडी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के लिए स्पष्ट कैलेंडर तैयार किया जाए और निर्धारित रोस्टर के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल औपचारिकता न होकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में डीएम एवं बीएमएम की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों की जानकारी मिलने पर उन्होंने उच्चस्तरीय तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाए।
*प्रशिक्षण संस्थानों के भवनों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश*
श्री मौर्य जी ने सीआरडी के प्रशिक्षण संस्थानों के भवनों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन भवनों को जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए, ताकि प्रशिक्षण गतिविधियों को बेहतर आधारभूत सुविधाओं के साथ संचालित किया जा सके।
*प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में एफडीआर तकनीक को बढ़ावा देने के निर्देश*
उप मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों के निर्माण में एफडीआर तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं टिकाऊ तकनीकों के उपयोग से ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता और निर्माण की गति दोनों में सुधार लाया जाए। उन्होंने कार्बन क्रेडिट योजना पर भी विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में इस योजना के माध्यम से सड़क निर्माण एवं ग्रामीण अवसंरचना के विकास में गति लाने की संभावनाओं का प्रभावी उपयोग किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह योजना मा. प्रधानमंत्री जी की महत्वकांक्षी परियोजना की एक इकाई है, प्रत्येक गॉव और मजरे का कोई भी मार्ग अब कच्चा न रहे, गॉवों के विकास का मार्ग प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक से होकर जाता है, हमें आगे बढना है कि देश में नम्बर वन बन कर दिखाना हैा
*अपनों को लाभ पहॅुचाने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी*
मिशन निदेशक को निर्देशित करते हुए उप मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट कहा कि कोई भी नियमित कर्मचारी अपने किसी रिश्तेदार को विभागीय योजनाओं में अनुचित लाभ का पात्र न बनाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर उसकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी और शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध विभागीय एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
*विधायक निधि के आवंटन में तेजी लाने के निर्देश*
उप मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को विधायक निधि से संबंधित कार्यों एवं धनराशि के आवंटन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए स्वीकृत धनराशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित हो और जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित जनहितकारी कार्यों के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न हो।
श्री मौर्य जी ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि ग्राम्य विकास विभाग की सभी योजनाओं का मूल उद्देश्य गांव, गरीब, किसान, महिला, श्रमिक और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसलिए अधिकारी योजनाओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखें, बल्कि उनकी नियमित निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित करें कि डबल इंजन सरकारी की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को टीम भावना, पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।






