*TV 20 NEWS || AZAMGARH :नेशनल साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस मंथ (NCSAM) के अंतर्गत माँ सरस्वती लाइब्रेरी, रुदरी मोड़, रानी की सराय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित*

*प्रेस विज्ञप्ति, दिनांकः 15.10.2026*
*थाना साइबर क्राइम, जनपद आजमगढ़*

*🔹 नेशनल साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस मंथ (NCSAM) के अंतर्गत माँ सरस्वती लाइब्रेरी, रुदरी मोड़, रानी की सराय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।*

*🔹 डिजिटल अरेस्ट, फर्जी ऐप, ऑनलाइन ठगी एवं सेक्सटॉर्शन से बचाव के प्रति आमजन को जागरूक कर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और पोर्टल www.cybercrime.gov.in की जानकारी दी गई।*

*कार्यक्रम का विवरणः-* भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत I4C द्वारा संचालित नेशनल साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस मंथ (NCSAM) के क्रम में, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ *डॉ0 अनिल कुमार* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात *पंकज श्रीवास्तव* के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी अपराध *कौस्तुभ त्रिपाठी* के नेतृत्व में दिनांक 15.10.2026 को माँ सरस्वती लाइब्रेरी, रुदरी मोड़, रानी की सराय, आजमगढ़ में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा लाउडहेलर एवं पम्पलेट के माध्यम से जनसामान्य को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर फर्जी पुलिस अधिकारी, सीबीआई अधिकारी एवं साइबर पुलिस अधिकारी बनकर धन की मांग करने, फर्जी ऐप डाउनलोड कराने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक कराकर ठगी करने, गिफ्ट एवं लॉटरी के नाम पर धोखाधड़ी, सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से दोस्ती, म्यूल बैंक खातों तथा फर्जी मोबाइल नंबरों के जरिए होने वाले साइबर अपराधों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

*एप्लीकेशन सुरक्षा के संबंध में जागरूकताः-* आमजन को मोबाइल ऐप की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी गई—

🔹 M-Kavach (C-DAC) जैसे सुरक्षा ऐप की जानकारी रखें।

🔹 अनजान स्रोतों से APK फाइल डाउनलोड न करें तथा ऐप केवल आधिकारिक स्टोर से ही डाउनलोड करें।

🔹 ऐप को दिए जाने वाले परमिशन की जांच करें और ऐप को नियमित रूप से अपडेट रखें।

*सेक्सटॉर्शन से बचाव हेतु विशेष जागरूकताः-* साइबर अपराधियों द्वारा फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर सोशल मीडिया पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने, व्हाट्सएप नंबर प्राप्त करने तथा वीडियो कॉल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग के माध्यम से ब्लैकमेल कर धन मांगने के तरीकों के बारे में बताया गया। आमजन को सलाह दी गई कि अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, अज्ञात नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से बचें तथा किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।

*साइबर हेल्पलाइन एवं शिकायत पोर्टलः-* साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल भारत सरकार की साइबर हेल्पलाइन नंबर *1930* पर कॉल करने अथवा *www.cybercrime.gov.in* पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

*कार्यक्रम में उपस्थित पुलिसकर्मीः-*
1. हे0का0 कल्लू प्रसाद, थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़।
2. हे0का0 सुखनन्दन सिंह, थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़।
3. का0 विशाल यादव, थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़।
4. का0 विकास कुमार, थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़।
5. म0का0 संज्ञा देवी, थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़।
6. म0का0 प्रियंका गौड़, थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़।

*आजमगढ़ पुलिस आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने तथा साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु निरंतर प्रयासरत है।*