आजमगढ़ : कोविड काल में गर्भवती रखें अपना खास ख्याल : डॉ. मंजुला

प्री मेच्योर डिलीवरी व गर्भपात से बचने के लिए जांच जरूर कराएं

• गर्भवती खायें, घर का बना ताजा खाना
• करें मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन
आजमगढ़, 12 जनवरी 2022 |
कोविड काल में गर्भवती सेहत का खास ख्याल रखें | प्रसव पूर्व निर्धारित जरूरी जांच कराएं और अपने खानपान का पूरा ख्याल रखें ताकि प्रसव संबंधी किसी भी तरह की दिक्कत का बेवजह सामना न करना पड़े | यह कहना है बड़ादेव स्थित जिला महिला चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) एवं वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मंजुला सिंह का।
डॉ. मंजुला ने बताया कि कोरोना काल में समय पूर्व प्रसव (प्री-मेच्योर डिलीवेरी) के खतरे से बचने के लिए महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है । इसके लिए जरूरी है कि घर में ही रहें और कोविड सुरक्षा नियमों का पालन करतीं रहें | चिकित्सक के नियमित संपर्क में रहने से भी मुश्किलें काफी कम हो सकती हैं। डॉ मंजुला का कहना है कि गर्भ की दूसरी व तीसरी तिमाही में महिलाओं को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है। इस अवस्था में पहुँच चुकी महिलाओं के गर्भाशय का आकार बढ़ने से उनके फेफडों की क्षमता कम हो जाती है, जिससे उन्हें सांस लेने में परेशानी होती है। वायरस के चलते कुछ महिलाओं की स्वतः प्री-मेच्योर डिलीवरी (समय पूर्व प्रसव) हो जाती है जबकि कई गर्भवतियों के फेफड़े की स्थिति सुधारने के लिए आपातकालीन व असामयिक गर्भपात कराना पड़ता है। इस समय पहली स्टेज में चल रही महिलाओं के भ्रूण का विकास बाधित होने के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में उन्हें सतर्क रहनेके साथ ही समय से प्रसव पूर्व जांच जरूर करानी चाहिए |
डॉ. मंजुला का कहना है कि यह सर्वविदित है कि किसी भी वायरस के संक्रमण पर गर्भवती में गर्भपात का रिस्क बढ़ जाता है। कभी-कभी कुछ महिलाओं के फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए प्री-मेच्योर डिलीवरी भी कराई जाती है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान –
1. घर से बाहर बेवजह न निकलें। कहीं जाने पर डबल मास्क लगायें।
2. हैंड सेनेटाइजेशन व शारीरिक दूरी का पालन करें ।
3. घर के किसी सदस्य का बाहर आना–जाना है या कोई बीमार है तो उसके संपर्क में न आयें।
4. जरूरी जांचे कराती रहें। शुगर या ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं तो डॉक्टर के परामर्श के अनुसार दवाएँ लेती रहें।
5. पर्याप्त मात्रा में पानी पियें और एक बार में अधिक भोजन के बजाय चार-पाँच बार में घर का बना ताजा खाना थोड़ा-थोड़ा करके खाएँ।
6. भोजन में आयरन, विटामिन, खनिज, विटामिन सी के साथ फाइबर भी शामिल करें तथा सलाद खूब खायें। मौसमी फलों और सब्जियों को भी प्राथमिकता दें।
7. किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में डॉक्टर को तुरन्त दिखायें तथा घर पर रहने के दौरान समय-समय पर अपने डॉक्टर के संपर्क में भी बनी रहें। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का समय से सेवन करें। लापरवाही बिल्कुल न बरतें, जिससे आपको परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।