election 2022 update : राजनैतिक परिवारों के आपसी टकराव ने बदली यूपी की सियासत

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव इस बार पिछले चुनावों से काफी अलग नजर आ रहा है। चुनाव में अलग-अलग प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों के भीतर मतभेद खुले तौर पर बाहर देखने को मिल रहा हैं। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के परिवार में इस बीच कई लोग दल-बदलू साबित हुए हैं। इनमें मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव, उनके रिश्तेदार हरिओम यादव और प्रमोद गुप्ता भाजपा में शामिल होकर लगातार सुर्खियों में छाए हुए हैं। वहीं, अन्य राजनीतिक परिवारों के भीतर भी फूट के मामले इस चुनावी मौसम में साफ देखे गए।
बिधूना के शाक्य परिवार में टकराव
इसमें ताजा मामला यूपी के औरैया में भाजपा के वर्तमान विधायक विनय शाक्य का है। रिया शाक्य, बिधूना से बागी बीजेपी विधायक विनय शाक्य की बेटी हैं। वे इस बार अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेगी। भाजपा के प्रति रिया का झुकाव 11 जनवरी को स्पष्ट हो गया था, जब उन्होंने पार्टी को अपना समर्थन दिखाने के लिए एक वीडियो जारी किया था, जिसमें दावा किया गया था कि उनके चाचा देवेश शाक्य उनके बीमार पिता (विनय शाक्य) को जबरन सपा में शामिल करने के लिए ले गए थे। यह वह दिन था जब यूपी के मंत्री और भाजपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवा संगठन के खिलाफ विद्रोह किया था। हालांकि, रिया के दावे का विनय ने खंडन किया, लेकिन वे 14 जनवरी को अंततः सपा में शामिल हो गए। सपा ने अभी तक बिधूना से अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
इमरान मसूद के परिवार में भी दरार
राजनीतिक दरार का असर कांग्रेस के पूर्व नेता इमरान मसूद के परिवार पर भी पड़ा। अभी हाल ही में इमरान ने यह कहते हुए सपा का दामन थाम लिया कि यही एकमात्र राजनीतिक दल है जो भाजपा को चुनौती दे सकता है। लेकिन उनके जुड़वां भाई नोमान मसूद ने मायावती की बसपा ज्वाइन कर ली है। वहीं नोमान को बसपा से नुकुर विधानसभा का टिकट भी मिल गया है।
मौर्य परिवार में पिता-बेटी की राहे अलग
स्वामी प्रसाद मौर्य के परिवार के साथ भी कुछ ऐसा ही है। जहां उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य ने भाजपा और पीएम मोदी में विश्वास जताया है। संघमित्रा, जो बदायूं से बीजेपी सांसद हैं, लगातार सोशल मीडिया पर बीजेपी की तारीफ करती नहीं थक रही हैं और आएगी तो बीजेपी ही हैशटैग लगा रही हैं। अब ऐसे में देखना होगा अपने परिवारों से बागी हुए इन नेताओं के राजनीतिक समीकरण किसके माफिक बैठते हैं और किसके खिलाफ।
आजमगढ़ के यादव परिवार में रार
आजमगढ़ के बाहुबली पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने कुछ महीने पहले भाजपा छोड़ कर समाजवार्दी पार्टी का दामन थाम लिया है। जबकि इनके पुत्र आजमगढ़ के फूलपुर से भाजपा के विधायक है। रमाकांत यादव आजमगढ़ की राजनीति में बड़ा नाम है वे जिस पार्टी में रहते है उसकी जीत पक्की होती है लेकिन इस बार पिता-पुत्र की राहे अलग-अलग है।