आजमगढ़, स्वामी विवेकानंद की जयंती सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए समारोहपूर्वक मनाई गई

आजमगढ़। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्वामी विवेकानंद सामाजिक संस्थान द्वारा सदावर्ती स्थित श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय के सभागार में रविवार को आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद की जयंती सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए समारोहपूर्वक मनाई गई। सर्वप्रथम मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ एवं आशिनी व इशिका ने नृत्य नाटिका के माध्यम से गणेश वंदना प्रस्तुत कर किया गया। वहीं एकल प्रस्तुति के रूप में सौम्या मां कालिका रूप धर नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर लोगों को भाव विभोर कर दिया। सौम्या गोस्वामी, कार्तिक गोस्वामी ने भगवान शंकर का रूप धारण का शिव स्तुति प्रस्तुत किया तो लोगों ने खूब तालियों से सराहा। अभय ग्रुप द्वारा देशभक्ति गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर लोगों को देश प्रेम के प्रति ओतप्रोत किया। तो वहीं गोविन्द व किशन ने तेरी मिट्टी में मिल जावा देशभक्ति गीत पर सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं नृत्य कला के क्षेत्र में जाने माने कलाकार मनन पांडेय ने अपने नृत्य से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। इसके बाद संस्था द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव व स्वामी जी के जीवन पर अतिथियों द्वारा एक स्मारिका का विमोचन किया।
व्याख्यान में संबोधन के दौरान डॉ. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में उन शहीदों को याद किया जो आजादी के इतिहास में गुमनामी का जीवन व्यतीत कर रहे थे। साथ ही उन्होने समाज के लिए स्वामी जी के प्रासंगिकता को दर्शाते हुए बहुत ही ओजस्वी व्याख्यान किया। अभिषेक जायसवाल दीनू, अजय अग्रवाल, अजेन्द्र राय, डॉ. अखिलेश चन्द्र ने भी स्वामी जी के जीवन व आजादी के मतवालों के बारे में गोष्ठी में विचार व्यक्त किये।
अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में स्मारिका के संपादक रविन्द्र राय ने स्वामी जी के शिकागो में दिए गए भाषण के मुख्य अंशों को संक्षिप्त सार भौमिक रूप से लोगों के सामने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में टैक्स बार एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गुप्ता ने स्वामी जी के सनातन धर्म पर दिए गए गूढ़ बातों को मंच के द्वारा लोगों तक पहुंचाया।
संस्था के महाप्रबन्धक विभाष सिन्हा ने कहाकि संस्था मूल उद्देश्य स्वामी जी के विचारों को जन जन तक पहुंचाना मुख्य रूप से युवा पीढ़ि सम्मिलित है, संस्था द्वारा समय समय पर स्वामी जी के जीवन पर निबंध प्रतियोगिता एवं स्वच्छ रूप से भारतीय और लोक कलाओं के अनुरूप सांस्कृति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जाता है। स्वामी जी के जीवन पर आधारित पुस्तकों को विद्यालयों में बच्चों के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अरविन्द गुप्ता, रविन्द्र राय, अभिषेक जायसवाल, डॉ. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी, अखिलेश चन्द्र ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। संचालन प्रत्यक्षा तिवारी ने किया। इस मौके पर विजय लक्ष्मी मिश्रा, पूनम तिवारी, डा. मनीषा मिश्रा, डॉ. गीता सिंह, सुधा, मुन्नू, मंगल, मनोज, अजीत, कमल गुप्ता, चन्द्रभान, जयप्रकाश, सुरेश केसरी, संतोष, श्रवण, श्रीचंद, भोला आदि लोग मौजूद रहे।

भवदीय