डोनाल्‍ड ट्रंप बोले, पीएम मोदी मेरे अच्‍छे दोस्‍त; भारत के साथ मिलकर बना रहे कोविड-19 का टीका

वाशिंगटन। अमेरिका कोरोना वायरस का टीका बनाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम कर रहा है। भारतवंशी अमेरिकियों को शानदार वैज्ञानिक की संज्ञा देते हुए शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात कही। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि इस साल के आखिर तक कोविड-19 का टीका बन जाएगा।ट्रंप ने कहा, ‘मैं कुछ वक्त पहले ही भारत से आया हूं और भारत के साथ मिलकर हम अच्छा काम कर रहे हैं। अमेरिका में भारतीयों की बड़ी आबादी है और इनमें से बहुत से लोग टीका बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। ये महान वैज्ञानिक और शोधकर्ता हैं।’

Donald J. Trump

@realDonaldTrump

I am proud to announce that the United States will donate ventilators to our friends in India. We stand with India and @narendramodi during this pandemic. We’re also cooperating on vaccine development. Together we will beat the invisible enemy!

32.6 हज़ार लोग इस बारे में बात कर रहे हैं

भारत को वेंटिलेटर उपलब्ध कराएगा अमेरिका

ट्रंप ने टीका विकसित करने के लिए ऑपरेशन वार्प सीड का एलान किया है। उन्होंने इस ऑपरेशन के नेतृत्व के लिए ग्लैक्सोस्मिथक्लीन वैक्सींस के पूर्व प्रमुख मोनसेफ स्लोउई और आर्मी जनरल गुस्ताव पेर्ना को नियुक्त करने की बात कही है। उनका कहना है कि अमेरिका लाभ कमाने के लिए टीका नहीं बना रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताते हुए ट्रंप ने कहा, ‘भारत बहुत शानदार देश है और वहां के प्रधानमंत्री मेरे अच्छे दोस्त हैं।’ ट्रंप ने एक ट्वीट कर भारत को वेंटिलेटर देने की बात भी कही। उन्होंने कहा, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका अपने दोस्त भारत को वेंटिलेटर देगा। इस महामारी के वक्त हम भारत के साथ हैं। साथ मिलकर हम इस अदृश्य शत्रु को हरा देंगे।’

भारत-अमेरिका के बीच सहयोग की अभी सबसे अधिक जरूरत

वाशिंगटन। अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि कोरोना महामारी ने भारत-अमेरिका के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता को दर्शाया है। स्वास्थ्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अमेरिका के साथ भारत की साझेदारी का उल्लेख करते हुए वरिष्ठ राजनयिक ने कहा कि दोनों देशों के अनुसंधान एवं नवोन्मेष संस्थान पुराने एवं संक्रामक रोगों को समझने तथा उनके इलाज एवं निदान के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

प्रतिष्ठित भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिकों के साथ गुरुवार को हुए ऑनलाइन संवाद में संधू ने कहा, ‘कोरोना ने हमें पहले से कहीं अधिक सहयोग की जरूरत महसूस कराई है। हमारे प्रधानमंत्री ने चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक समन्वित प्रतिक्रिया पर जोर दिया है, जबकि हम इस संकट का सामना करने के लिए घरेलू क्षमताओं को भी मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका ने तपेदिक, कैंसर, एचआइवी और नेत्र रोग जैसी बीमरियों से निपटने और पर्यावरणीय स्वास्थ्य अनुसंधान में मिलकर काम किया है। विकास में हमारे सहयोग का हालिया सफल उदाहरण रोटा वायरस के खिलाफ विकसित किया गया टीका रोटोवैक है। इसी तरह के सहयोग कोरोना के खिलाफ जंग में अहम होंगे। भारत में वर्तमान में एनआईएच के वित्तपोषण से करीब 200 परियोजनाएं चल रही हैं जिनमें एनआईएच के 20 संस्थान और भारत के कई प्रमुख संस्थान शामिल हैं।