TV 20 NEWS || AMBEDKAR NAGAR; खाकी की जल्दबाज़ी, ममता पर इल्ज़ाम!

रिपोर्ट – आशा राम वर्मा

अंबेडकरनगर की पुलिस वाकई बधाई की पात्र है—ऐसी ‘अलौकिक’ जांच हर किसी के बस की बात नहीं! अभी शव मिला भी नहीं था, लेकिन कहानी पूरी लिख दी गई—मां ही कातिल, मां ही फरार। केस बंद, फाइल दुरुस्त, और वाहवाही पक्की। इतनी तेज़ी तो फिल्मों की स्क्रिप्ट में भी नहीं दिखती।
हैरानी की हद देखिए—जिस मां ने अपने बच्चे को आखिरी सांस तक सीने से चिपकाए रखा, उसी ममता को खाकी ने एक झटके में हैवानियत का चेहरा बना दिया। इंसाफ की ये कैसी ‘शॉर्टकट थ्योरी’ है साहब, जिसमें सबूत बाद में आते हैं और इल्ज़ाम पहले?
फिर जैसे ही सच ने दस्तक दी, असली गुनहगार सामने आया—तो एनकाउंटर का ‘धमाका’ कर दिया गया। मामला ठंडा, इमेज चमकदार। लेकिन सवाल अब भी जिंदा है—उस बेगुनाह मां के दामन पर जो कालिख पोती गई, उसे कौन धोएगा?
वाह रे सिस्टम! पहले चरित्र हनन, फिर न्याय का दिखावा। एक तरफ अपराधी ढेर, दूसरी तरफ संवेदनाओं का जनाजा। क्या यही है ‘प्रोफेशनल जांच’?
शायद अगली बार खाकी वर्दी के साथ ‘तथ्यों का चश्मा’ भी पहन ले—ताकि किसी मासूम, किसी मां को मरने के बाद भी अपनी बेगुनाही साबित न करनी पड़े।