उ०प्र० मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत खरीफ 2026 में जनपद आजमगढ़ के कृषकों को मोटे अनाज (मिलेट्स) फसलों के उन्नत बीजों के निःशुल्क मिनीकिट उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को पोषणयुक्त एवं जलवायु अनुकूल फसलों की खेती के प्रति प्रोत्साहित करना, उत्पादन बढ़ाना तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
उप कृषि निदेशक, आजमगढ़ आशीष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश से प्राप्त आवंटन के अनुसार जनपद को श्रीअन्न फसलों के कुल 6062 मिनीकिट का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें ज्वार हेतु 1400, बाजरा हेतु 3150, सांवा हेतु 462, कोदो हेतु 280 तथा रागी हेतु 770 मिनीकिट शामिल हैं। प्रत्येक मिनीकिट 0.2 हेक्टेयर क्षेत्रफल हेतु निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि बीज की प्रति मिनीकिट मात्रा ज्वार हेतु 02 किलोग्राम, बाजरा हेतु 01 किलोग्राम, सांवा हेतु 02 किलोग्राम, कोदो हेतु 03 किलोग्राम तथा रागी हेतु 03 किलोग्राम निर्धारित की गई है। इन मिनीकिटों का वितरण कृषकों को पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा।
इच्छुक कृषक कृषि विभाग के पोर्टल www.agriculture.up.gov.in पर दिनांक : 10 मई 2026 तक ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। बुकिंग के उपरांत पात्र कृषकों का चयन ऑनलाइन/ई-लाटरी अन्तर्गत पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत किया जाएगा तथा चयनित कृषकों को राजकीय बीज गोदामों के माध्यम से मिनीकिट उपलब्ध कराए जाएंगे।
उप कृषि निदेशक ने जनपद के समस्त सहायक विकास अधिकारियों (कृषि), कृषि कर्मियों एवं बीज भंडार प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे विकास खंड स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक कृषकों की ऑनलाइन बुकिंग कराएं। साथ ही कृषकों को मिलेट्स फसलों के पोषण एवं आर्थिक महत्व के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने बताया कि मिलेट्स फसलें कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलें हैं तथा जलवायु परिवर्तन की परिस्थितियों में किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। बाजरा, ज्वार, रागी, सांवा एवं कोदो जैसे मोटे अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं तथा मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माने जाते हैं। शासन द्वारा “श्री अन्न” के रूप में मिलेट्स फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
जनपद के कृषकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन बुकिंग कर योजना का लाभ प्राप्त करें एवं मिलेट्स उत्पादन को बढ़ावा देने में सहभागिता निभाएं।






