*TV 20 NEWS || AZAMGARH : गरीब वाहन स्वामी की मदद को आगे आए एआरटीओ प्रवर्तन, स्वयं जमा किए 19 हजार रुपये,एआरटीओ प्रवर्तन ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए ट्रैक्टर स्वामी को दिलाई राहत*
गरीब वाहन स्वामी की मदद को आगे आए एआरटीओ प्रवर्तन, स्वयं जमा किए 19 हजार रुपये
एआरटीओ प्रवर्तन ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए ट्रैक्टर स्वामी को दिलाई राहत
वाहन स्वामिनी ने अतुल के कार्य व सद्व्यवहार की सराहना करते हुए आशीर्वाद भी दिया
आजमगढ़ 08 जून 2026/
पवई क्षेत्र में मिट्टी की अवैध ढुलाई के विरुद्ध चलाए जा रहे प्रवर्तन अभियान के दौरान पकड़ी गई एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के मामले में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अतुल कुमार यादव ने मानवीय संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए गरीब वाहन स्वामी की आर्थिक सहायता की।
जानकारी के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र के ककरहटा गांव निवासी भगवती देवी पत्नी शंकर के स्वामित्व वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली को लगभग 12 दिन पूर्व पवई क्षेत्र में जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन में पकड़ा गया था। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए वाहन को सीज कर शहर कोतवाली में खड़ा कराया गया तथा वाहन पर 39 हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
बाद में जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि उक्त ट्रैक्टर-ट्रॉली ही परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए इतनी बड़ी धनराशि की व्यवस्था कर पाना अत्यंत कठिन था। परिवार की स्थिति से अवगत होने पर एआरटीओ प्रवर्तन अतुल कुमार यादव ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए व्यक्तिगत स्तर पर सहायता करने का निर्णय लिया। उन्होंने स्वयं अपने पास से 19 हजार रुपये जमा कराए, जबकि वाहन स्वामी द्वारा 20 हजार रुपये की व्यवस्था की गई। इस प्रकार कुल 39 हजार रुपये जमा होने के बाद वाहन को आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए मुक्त कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
वाहन स्वामिनी भगवती देवी ने बताया कि मैं अपनी 08 वर्षीय पुत्री के साथ थाने में भटक रही थी,एआरटीओ प्रवर्तन के पास गई तो न सिर्फ उन्होंने आर्थिक मदद किया, बल्कि बिटिया के पढ़ाई-लिखाई के बारे में भी प्रोत्साहित किया और उसको मिठाई भी दिया। भगवती देवी ने अतुल के कार्य व सद्व्यवहार की सराहना करते हुए आशीर्वाद भी दिया।
एआरटीओ प्रवर्तन अतुल कुमार यादव ने कहा कि प्रवर्तन कार्यवाही के दौरान नियमों का पालन कराना विभाग की जिम्मेदारी है, किंतु समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशील रहना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कानून का अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उनकी इस पहल की स्थानीय लोगों एवं क्षेत्रवासियों द्वारा सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों का ऐसा संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ प्रशासन के प्रति आमजन का विश्वास भी मजबूत करता है।






