*TV 20 NEWS ||LUCKNOW: उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सौरभ बाबू ने की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की उच्च स्तरीय समीक्षा*
• उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सौरभ बाबू ने की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की उच्च स्तरीय समीक्षा
• उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA) की 56वीं कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न
• ग्रामीण अंचलों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए नई तकनीकों और पर्यावरण-अनुकूल तरीकों पर जोर, CEO UPRRDA
• हम सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा करेंगे, CEO UPRRDA
• लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई: प्रमुख सचिव
लखनऊ: 12 जून, 2026, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी के आदेशानुसार आज ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव श्री सौरभ बाबू जी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत संचालित कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA), लखनऊ की 56वीं कार्यकारिणी समिति की बैठक भी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) श्री शिव सहाय अवस्थी जी, लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता, तथा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (RED) के विभागाध्यक्ष सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव श्री सौरभ बाबू ने प्रदेश भर के जनपदीय पीआईयू (Project Implementation Unit) अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी लंबित और चालू परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर तथा उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए।
गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोपरि
प्रमुख सचिव ने बैठक में कहा कि माननीय उप मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाना और कनेक्टिविटी को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
• सड़कों के निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री की नियमित लैब टेस्टिंग की जाए।
• वित्तीय बजट का सही और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई भी परियोजना बजट के अभाव में न रुके।
• तय समय के भीतर कार्य पूरा न करने वाले ठेकेदारों और इसमें लापरवाही बरतने वाले अभियंताओं के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
श्री शिव सहाय अवस्थी, मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित योजनाओं के तहत हजारों किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण और चौड़ीकरण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। समयबद्धता पर जोर: उन्होंने स्पष्ट किया कि जो परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं, उन्हें निर्धारित समय-सीमा (Deadlines) के भीतर हर हाल में पूरा कर लिया जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control): CEO ने कहा कि सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए त्रि-स्तरीय गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (3-Tier Quality Monitoring) को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। नियमित रूप से लैब टेस्टिंग और फील्ड निरीक्षण किए जा रहे हैं। सड़कों का डिजिटलीकरण और जीआईएस मैपिंग: बैठक में यह भी साझा किया गया कि ग्रामीण सड़कों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए जीआईएस (GIS) मैपिंग और आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
बैठक के अंत में प्रमुख सचिव ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ग्रामीण विकास के कार्यों को गति देने की आवश्यकता पर बल दिया।
रतन कुमार सिंह, सूचना अधिकारी, उप मुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA), लखनऊ






