*TV 20 NEWS || LUCKNOW:प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक निर्माण लक्ष्य को समय और पारदर्शिता पूर्वक पूर्ण करें, लापरवाही ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करें*
प्रेस विज्ञप्ति
• *प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक निर्माण लक्ष्य को समय और पारदर्शिता पूर्वक पूर्ण करें, लापरवाही ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करें,*
• *दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्रामीण विकास संस्थान माहवार रोस्टर बनाएं, प्रशिक्षण केन्द्र मूलभूत सुविधायुक्त हो,*
• *15 अगस्त से पूर्व स्वयं सहायता समूहों की दीदियों द्वारा 2 करोड़ तिरंगों का निर्माण समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए : उप मुख्यमंत्री*
• *बीसी सखियों को वीबीजी-राम-जी योजना से प्रभावी रूप से जोड़ा जाए एवं प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था एवं तकनीक आधारित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश*
*उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी*
लखनऊ, दिनांक 01 अगस्त, 2026, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज अपने सरकारी आवास 7, कालिदास मार्ग, लखनऊ में ग्राम्य विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की तथा अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख कार्य संस्कृति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि मेरे विभाग की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव एवं बिना किसी अनियमितता के पहुंचे। इस उद्देश्य की पूर्ति में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक को निर्देशित किया कि 15 अगस्त से पूर्व स्वयं सहायता समूहों की दीदियों द्वारा 2 करोड़ तिरंगों का निर्माण हर हाल में समय से पूर्ण कराया जाए, जिससे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्तर प्रदेश अग्रणी भूमिका निभा सके। उन्होंने कहा कि यह केवल एक उत्पादन कार्य नहीं बल्कि राष्ट्रभक्ति, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का अभियान भी है।
उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य अजीविका मिशन की बीसी सखियों को वीबी जी राम जी योजना से प्रभावी रूप से जोड़ा जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़े और योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक सुगमता से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि बीसी सखियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और उनकी क्षमता का व्यापक उपयोग किया जाना चाहिए।
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विकास खंड में कम से कम तीन अकाउंटेंट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुछ विकास खंडों में आवश्यक कार्मिकों की कमी की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस स्थिति को तत्काल दूर करने के लिए समुचित कार्ययोजना तैयार कर रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए ताकि योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य अजीविका मिशन के अंतर्गत एजी, टीसीए तथा वित्त विभाग द्वारा किए जाने वाले सभी ऑडिट समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराए जाएं। साथ ही वित्त विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर धनराशि के आवंटन एवं वितरण की ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।
श्री मौर्य ने कहा कि पीएम गति शक्ति पोर्टल का उपयोग ब्लॉक एवं जिला स्तर पर शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए। सभी परियोजनाओं की निगरानी तकनीकी माध्यमों से की जाए ताकि पारदर्शिता बढ़े तथा कार्यों की वास्तविक प्रगति का समय-समय पर मूल्यांकन किया जा सके।
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यदि कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग कर अपने परिजनों अथवा किसी अन्य को अनुचित लाभ पहुंचाते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार भ्रष्टाचार एवं पक्षपात के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य कर रही है।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्राम चौपाल, सरस मेला एवं अन्य बड़े आयोजनों में स्वयं सहायता समूहों की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों की वृहद स्तर पर प्रदर्शनी एवं विपणन की व्यवस्था की जाए, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हो तथा उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके।
उन्होंने सीएलएफ धन वितरण प्रणाली को पूर्णतः कम्प्यूटरीकृत, पारदर्शी एवं सतत मॉनिटरिंग आधारित बनाने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को समय-समय पर इसकी जांच करने तथा किसी भी प्रकार के वित्तीय लीकेज को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने को कहा।
श्री मौर्य ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि मार्च 2026 के बाद यदि कोई अधिकारी मैनुअल प्रणाली से धनराशि का आवंटन अथवा वितरण करता हुआ पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी वित्तीय प्रक्रियाएं डिजिटल एवं पारदर्शी माध्यम से ही संचालित की जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि डीएमएम एवं बीएमएम के धरातलीय कार्यों की वरिष्ठ अधिकारी नियमित निगरानी करें, आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करें तथा जहां भी कार्मिकों की कमी हो उसे शीघ्र पूरा किया जाए।
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद में टीएचआर (टेक होम राशन) प्लांट स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही तकनीकी संस्थानों के सहयोग से अधिक लाभकारी उत्पादन इकाइयों की स्थापना की संभावनाओं पर कार्य करने तथा पूर्व में स्थापित इकाइयों की प्रगति एवं विकास का व्यापक मूल्यांकन कर उन्हें और अधिक सशक्त बनाने के निर्देश दिए।
दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक को निर्देश देते हुए श्री मौर्य ने कहा कि प्रशिक्षण गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा प्रतिमाह एक लाख प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य हर हाल में प्राप्त किया जाए। इसके लिए माहवार रोस्टर तैयार किया जाए और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जाए।
उन्होंने प्रशिक्षण केन्द्रों में स्वच्छ कक्ष, साफ-सुथरे हॉस्टल, पर्याप्त प्रकाश, शुद्ध हवा तथा आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी, ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण को निर्देश देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्राप्त लक्ष्यों को समयबद्ध एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने ऐसे ठेकेदारों को चिन्हित करने के निर्देश दिए जो कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित रखते हैं अथवा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के विपरीत निर्माण कार्य करते हैं। ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर एवं सुरक्षित सड़क संपर्क प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसलिए गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध सड़क निर्माण कार्य सुनिश्चित करते हुए ग्रामीण जनता को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ग्राम्य विकास की योजनाओं को पारदर्शिता, तकनीक, जवाबदेही और सुशासन के साथ लागू किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता, गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे, ताकि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र एवं समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके।






