*TV 20 NEWS || PRYAGRAJ:प्रयागराज की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय प्रतिभाएं प्रदेश के फिल्म उद्योग को देंगी नई पहचान : केशव प्रसाद मौर्य*
*मीडिया कार्यालय, उप मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश*
प्रेस विज्ञप्ति
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– *उप मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय प्रयागराज फिल्म महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में किया प्रतिभाग, ‘कुंभ का संगम’ फिल्म के ट्रेलर का किया अनावरण*
प्रयागराज, 1 नवंबर। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को प्रयागराज में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रयागराज फिल्म महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर आयोजकों एवं फिल्म जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। महोत्सव में पावन गंगा आरती की भव्य एवं आध्यात्मिक प्रस्तुति ने प्रयागराज की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने फिल्म ‘कुंभ का संगम’ के आधिकारिक ट्रेलर का अनावरण किया। कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन भी किया गया। आयोजकों ने श्री मौर्य को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज की धरती साहित्य, संस्कृति, संस्कार, आध्यात्मिक चेतना और सृजनशीलता की समृद्ध परंपरा की संवाहक रही है। इस शहर का हिंदी साहित्य और भारतीय फिल्म जगत में विशिष्ट योगदान रहा है। गीतकार प्रदीप, अमृतलाल नागर सहित अनेक साहित्यकारों और रचनाकारों की सृजनात्मक विरासत प्रयागराज की सांस्कृतिक पहचान को विशिष्ट बनाती है सदी के महानायक श्री अमिताभ बच्चन जी ने देश, विदेश में ख्याति प्राप्त की है वह प्रयागराज की पवन धरा की वासी हैं। आवश्यकता है कि नई पीढ़ी इन महान साहित्यकारों, कलाकारों और रचनाकारों के योगदान से परिचित हो तथा उनकी विरासत को आगे बढ़ाए।
श्री मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज फिल्म निर्माण एवं फिल्म उद्योग के विकास की दृष्टि से तेजी से उभरता हुआ प्रदेश है। प्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यहां धार्मिक एवं पर्यटन स्थल, ऐतिहासिक धरोहरें, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध लोक संस्कृतियां फिल्मांकन के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं। उत्तर प्रदेश सरकार फिल्म निर्माताओं को प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए प्रोत्साहित कर रही है। फिल्म नीति के अंतर्गत निर्धारित पात्रता एवं शर्तों के अनुसार अनुदान और प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रदेश में फिल्म निर्माण की गतिविधियों को गति मिल रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में फिल्म सिटी का विकास प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रयागराज सहित प्रदेश के अन्य जनपदों के स्थानीय निर्माता, निर्देशक, कलाकार, तकनीकी विशेषज्ञ और युवा प्रतिभाएं भी इस अवसर का लाभ उठाकर फिल्म उद्योग से जुड़ रही हैं।
उप मुख्यमंत्री ने अवधी सहित प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं का सिनेमा हमारी लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक जीवन को व्यापक पहचान दिलाने का प्रभावी माध्यम है। स्थानीय कहानियों और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ की वैश्विक पहचान वाला तीर्थराज है। *कुंभ का संगम* जैसी फिल्में महाकुंभ की दिव्यता, भारतीय संस्कृति और प्रयागराज के गौरवशाली इतिहास को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में फिल्म उद्योग के सुदृढ़ीकरण, स्थानीय प्रतिभाओं के प्रोत्साहन और फिल्म निर्माण के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार हेतु प्रतिबद्ध है।
श्री मौर्य ने विश्वास व्यक्त किया कि अंतरराष्ट्रीय प्रयागराज फिल्म महोत्सव जैसे आयोजन प्रदेश की रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ ही उत्तर प्रदेश को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होंगे।






