*TV 20 NEWS || AZAMGARH :जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने किया आजमगढ़ माटीकला महोत्सव का भ्रमण; डीएम व सीडीओ ने माटीकला उद्यमियों एवं महिला उद्यमियों का बढ़ाया उत्साह*
माटीकला महोत्सव में डीएम ने सराहा हुनर और उद्यमिता, पारंपरिक माटीकला को मिल रहा नया आयाम- डीएम
आजमगढ़ 06 नवंबर 2026//
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा आयोजित आजमगढ़ माटीकला महोत्सव–2026 के अंतर्गत जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी कमलकिशोर देशभूषण कंडारकर द्वारा महोत्सव में लगाए गए स्टालों का भ्रमण किया गया।
इस अवसर पर दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने महोत्सव में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा माटीकला उद्यमियों एवं शिल्पकारों से संवाद कर उनके उत्पादों, कार्यप्रणाली एवं व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने मिट्टी से निर्मित आकर्षक दीये, मोमबत्तियां, लालटेन तथा विभिन्न प्रकार की सजावटी एवं कलात्मक वस्तुओं की खरीदारी भी की। उन्होंने स्थानीय कारीगरों के हुनर, रचनात्मकता एवं पारंपरिक शिल्प को आधुनिक स्वरूप देने के प्रयासों की सराहना की।
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से दिव्यांग बालिका एवं उनकी माता द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने बालिका एवं उसकी माता से आत्मीय संवाद करते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की तथा उनका उत्साहवर्धन किया। जिलाधिकारी ने कहा कि आत्मविश्वास, परिश्रम एवं दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर प्रत्येक व्यक्ति अपनी प्रतिभा को नई पहचान दे सकता है। उनका यह संवाद महोत्सव में उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा।
जिलाधिकारी ने जिला कारागार द्वारा माटीकला के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। महोत्सव में जिला कारागार की ओर से स्थापित किए जा रहे माटीकला उत्पादों के स्टॉल को उन्होंने एक सराहनीय पहल बताते हुए ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित किया। इससे बंदियों के कौशल विकास, रचनात्मकता एवं पुनर्वास की संभावनाओं को भी बल मिलता है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़ी एक ऐसी युवती से भी संवाद किया, जो स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा होने के साथ-साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में सक्रिय है। जिलाधिकारी ने उसकी पहल की सराहना करते हुए उसे शिक्षा के साथ आत्मनिर्भरता की राह पर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने संदेश दिया कि युवाओं, विशेषकर महिलाओं को अपनी शिक्षा, कौशल एवं मेहनत के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लेना चाहिए।
जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी का यह भ्रमण माटीकला से जुड़े कारीगरों, महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय शिल्पकारों के लिए उत्साहवर्धक रहा। महोत्सव के माध्यम से पारंपरिक माटीकला को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को धरातल पर साकार करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है।






