• भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों और मौसमी फलों को करें शामिल
• सुबह की सैर, योग और व्यायाम को दें प्राथमिकता
आजमगढ़, 21 फरवरी 2022
फैटी लीवर बनता है पाचन सम्बन्धी कई समस्याओं की वजह। इसलिए भोजन हो सात्विक और सुपाच्य जिससे लीवर रहे हमेशा स्वस्थ। यह कहना है मंडलीय जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता एवं फिजीशियन डॉ. राजनाथ का।
डॉ राजनाथ ने बताया कि शरीर के हर अंग की अहम भूमिका और कार्य होते हैं, लेकिन पाचनतंत्र से जुड़े लीवर को अतिसंवेदी अंग माना जाता है। हमारे खान–पान का सीधा असर लीवर पर पड़ता है। जहाँ पोषक व संतुलित आहार का सेवन आपके लीवर को सेहतमंद, चुस्त और तंदुरुस्त बनाता है, वहीं अधिक तैलीय और गरिष्ठ भोजन लीवर को फैटी बनाते हैं यानी भोजन में अतिरिक्त वसा की मात्रा लीवर में जमा हो जाती है। जिसके कारण लीवर ठीक से काम नहीं करता और पाचनक्रिया सुस्त हो जाती है। इस समस्या से ग्रसित लोगों को अक्सर पेट से जुड़ी कोई न कोई शिकायत बनी ही रहती है।
उन्होने बताया की फैटी लीवर की समस्या दो प्रकार की होती है। इसमें जो लोग अधिक फास्ट फूड और तैलीय भोजन लेते हैं, उन्हें नॉन एल्कोहलिक व जो एल्कोहल का अधिक सेवन करते हैं, उन्हें एल्कोहलिक फैटी लीवर की परेशानी होती है। यदि समय पर उपचार और खान-पान में ध्यान नहीं दिया गया तो फैटी लीवर की समस्या लीवर फाइब्रोसिस के रूप में सामने आती है। इस संक्रमण में लीवर में सूजन के साथ रेशेदार संरचना बन जाती है और इस स्थिति में लीवर ठीक से काम करना बंद कर देता है, जो कई अन्य बीमारियों की वजह बनती है। हालाँकि कुछ मामलों में फैटी लीवर आनुवांशिक कारणों से भी होता है।
डॉ राजनाथ ने बताया की मंडलीय जिला चिकित्सालय में हमारी ओपीडी कमरा नंबर 15 में होती है। ओपीडी लगभग 80 से 100 मरीजों की होती है। जिसमें 15 से 20 मरीज पेट से संबन्धित समस्या के होते हैं। इस क्रम में नवम्बर माह 756 मरीज, दिसम्बर माह में 875 मरीज तथा जनवरी माह में 1116 मरीजों की ओपीडी हुई थी।
बोझीमऊ निवासी 12 वर्षीय सिद्धि यादव के गार्जियन ने बताया की इसे पेट में दर्द होने पर 3 दिन पहले डाक्टर को दिखाया था। देखने के साथ ही जांच के बाद दवा लिखा था। मुझे दो दिन बाद बुलाया गया था। अब बच्ची को काफी आराम है।
गाँव लोहरा निवासी 35 वर्षीय दुर्गा देवी ने बताया की मुझे पेट दर्द के साथ दस्त की समस्या थी। तीन दिन पहले ओपीडी में दिखाया था। देखने के बाद डाक्टर ने थायराइड की जांच कराई थी तथा दवा लिखी थी। यह जांच निःशुल्क हुई थी। अब मुझे दस्त में आराम है।
प्रमुख लक्षण –
• पेट के दायें भाग के ऊपरी हिस्से में दर्द होना।
• वजन गिरना, कमजोरी महसूस करना एवं पाचन संबंधी समस्याएँ होना।
• पेट में दर्द, दस्त और सूजन होना, भूख कम लगना।
• आलस्य रहना।
• उल्टी महसूस करना।
इनसे करें परहेज-
• तंबाकू, गुटका, एल्कोहल व निकोटिन का सेवन न करें।
• जंक फूड, तैलीय गरिष्ठ व अधिक मसालेदार भोजन का सेवन सीमित मात्रा में करें।
इसे अपनाएं जरूर-
• छाछ (मट्ठा) और नारियल पानी पियें।
• भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों व मौसमी फलों को शामिल करें।
• सुबह की सैर, योग और व्यायाम को दिनचर्या में शामिल कर दें प्राथमिकता।






