आजमगढ़। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पाण्डेय गुट) की बैठक मुकेरीगंज स्थित संगठन के जिला कार्यालय पर सोमवार को जिलाध्यक्ष डा. जयशंकर मिश्र की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। संचालन जिला मंत्री पंकज कुमार सिंह ने किया।
बैठक को सम्बोधित करते हुए संरक्षक रामजन्म सिंह ने कहाकि 24 मार्च से बोर्ड की परीक्षा शुरू हो रही है, जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बोर्ड परीक्षा का कार्य देख रहे कार्यालय के एक भ्रष्ट लिपिक ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के अध्यापकों की डबल लॉक में 50 किमी. की दूरी पर ड्यूटी लगा दिया है। जबकि यह ड्यूटी आस-पास स्थित नजदीक के किसी भी विद्यालय पर लगाई जा सकती थी लेकिन ऐसा केवल अध्यापकों को परेशान करने के लिए किया गया है। उन्होने मांग किया कि जिला विद्यालय निरीक्षक जिन अध्यापकों की ड्यूटी दूर लग गई है। उसमें तत्काल संशोधन करते हुए नजदीक के किसी भी विद्यालय में ड्यूटी लगाये, नहीं तो संगठन बोर्ड परीक्षा के बहिष्कार का भी निर्णय ले सकता है।
जिलाध्यक्ष डॉ. जयशंकर मिश्र ने कहाकि जिले के जो अध्यापक 31 मार्च 2022 को सेवानिवृत्त होने वाले है उनके पेंशन की पत्रावली तीन महीना पहले ही डीडीआर कार्यालय मंडल आजमगढ़ को पहुंच जानी चाहिए थी लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की उदासीनता के कारण आज तक सभी पत्रावलियां डीडीआर कार्यालय को नहीं भेजी जा सकीं है।
उन्होने शासन से मांग किया कि 31 मार्च तक सेवानिवृत्त अध्यापकों का समस्त देयक तैयार कर अप्रैल के प्रथम सप्ताह में समारोहपूर्वक सम्मान के साथ उनके हाथों में दे दिया जाय।
बैठक को सम्बोधित करते हुए जिला मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहाकि तीन वर्ष पूर्व मूल्यांकन का कार्य किए अध्यापकों के पारिश्रमिकी का भुगतान जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की शिथिलता के कारण आज तक नहीं हो सका है। उन्होने कहाकि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को यदि जरा सी भी इस बात की फिक्र रही होती तो मूल्यांकन पारिश्रमिकी का भुगतान अवश्य हो गया होता।
उन्होने शासन से मांग किया कि अध्यापकों के मूल्यांकन पारिश्रमिकी का यथाशीघ्र भुगतान किया जाय, नहीं तो बोर्ड परीक्षा के बाद संगठन मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करेगा और वह तबतक चलेगा जबतक की पिछले मूल्यांकन के पारिश्रमिकी का भुगतान नहीं हो जायेगा।
बैठक में शेर बहादुर सिंह यादव, अबरार अहमद, श्याम नरायन सिंह, अतुल सिंह, इन्द्रजीत राम, एमसी ब्राडवे, जीत बहादुर यादव, महमूद इरफान, राधेश्याम राजभर, जामवंत निषाद, कोमल यादव, रामप्यारे यादव, फरगाम अहमद, दिनेश प्रताप सिंह प्रधानाचार्य आदि मौजूद रहे।






